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इस दिन नहीं धोने चाहिए बाल, घर में आती है दरिद्रता

हिंदू धर्म में महिलाओं के बाल धोने (Hair Wash) को लेकर कुछ मान्यताएं प्रचलित हैं, जिनके अनुसार कुछ दिनों में बाल धोना शुभ माना जाता है तो कुछ में अशुभ। ये मान्यताएं अक्सर ज्योतिषीय प्रभावों और विशिष्ट दिनों को कुछ…

VishwajagranVishwajagran
October 6, 2026
3 min read
इस दिन नहीं धोने चाहिए बाल, घर में आती है दरिद्रता

हिंदू धर्म में महिलाओं के बाल धोने (Hair Wash) को लेकर कुछ मान्यताएं प्रचलित हैं, जिनके अनुसार कुछ दिनों में बाल धोना शुभ माना जाता है तो कुछ में अशुभ। ये मान्यताएं अक्सर ज्योतिषीय प्रभावों और विशिष्ट दिनों को कुछ देवताओं से जोड़ने के कारण हैं। ये मान्यताएं पारंपरिक हैं और विभिन्न क्षेत्रों और परिवारों में अलग हो सकती हैं। कुछ लोग इन रीति-रिवाजों का सख्ती से पालन कर सकते हैं, जबकि अन्य बिल्कुल भी नहीं मानते हैं। आवश्यकता या स्वच्छता कारणों से, व्यक्ति दिन की परवाह किए बिना अपने बाल धोने का विकल्प चुन सकते हैं। इन मान्यताओं को असुविधा या संकट पैदा होने पर सख्त पालन करने के बजाय उनके सांस्कृतिक और ज्योतिषीय संदर्भ की समझ के साथ अपनाना आवश्यक है।

धार्मिक मान्यताओं के अऩुसार, महिलाओं के बाल धोने (Hair Wash) से जुड़े कुछ नियम बताए गए हैं। इन मान्यताओं के अनुसार, सुहागनों को हर दिन बाल धोने की छूट नहीं है। कुछ दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बाल धोने के लिए वर्जित माने जाते हैं, जैसे मंगलवार, गुरुवार और शनिवार, वहीं शुक्रवार और रविवार को बाल धोना सुहागनों के लिए शुभ माना जाता है।

माना जाता है कि त्यौहारो और वारों पर महिलाओं को इन नियमों को पालन अवश्य करना चाहिए। कहीं कहीं तो इस बात का जिक्र भी मिलता है कि ऐसा न करने से पति की उम्र और तरक्की पर भी असर पड़ता है तो चलिए जानते हैं महिलाओं के बाल धोने (Hair Wash) से जुड़े कुछ धार्मिक नियम।

इन नियमों का करें पालन

– कहा जाता है कि मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के दिनों सुहागिन महिलाओं को बाल नहीं धोने (Hair Wash) चाहिए, ऐसा माना जाता है कि इन दिनों बाल धोने से पति को लेकर अमंगल होता है और घर में दरिद्रता आती है।
– शुक्रवार यह दिन लक्ष्मी को समर्पित है और बालों को धोने (Hair Wash) के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दिन बाल धोने से धन-समृद्धि बढ़ती है और खूबसूरती में भी निखार आता है।
– रविवार का दिन बाल धोने के लिए उपयुक्त माना जाता है, लेकिन सुहागिन महिलाओं के लिए नहीं, कुंवारी लड़कियां और पुरुष इस दिन बाल धो सकते हैं।
– एकादशी को सुहागिन महिलाओं को बाल नहीं धोने चाहिए क्योंकि इससे उनके सभी व्रतों का प्रताप नष्ट हो जाता है।
– अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण में बाल धोने से महिलाओं के सभी पुण्य प्रताप क्षीण हो जाते हैं और पितर नाराज हो जाते हैं।
– सूर्यास्त और रात्रि में बाल धोने (Hair Wash) से घर में क्लेश होता है और बीमारी आती है।
– शारिरिक अपवित्रता और संबंध बनाने के बाद बाल धोकर नहाना आवश्यक है।
– बुधवार के दिन कुंवारी कन्याओं को बाल नहीं धोने चाहिए, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इससे उनके जीवन में कष्ट आ सकते हैं।
– मंदिर से आने के बाद या किसी शुभ कार्य के तुरंत बाद सिर धोना निषेध है ऐसा करने से सौभाग्य नष्ट हो जाता है।

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