विश्व जागरण
Top News

नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने जा रहे हैं? जान लें सही दिशा और जरूरी सावधानियां

शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले हैं। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। नवरात्रि की तैयारियों में अखंड ज्योति का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि नौ दिनों तक लगातार…

VishwajagranVishwajagran
October 11, 2026
4 min read
नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने जा रहे हैं? जान लें सही दिशा और जरूरी सावधानियां

शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले हैं। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। नवरात्रि की तैयारियों में अखंड ज्योति का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि नौ दिनों तक लगातार दीपक जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

इस मुहूर्त में जलाएं अखंड ज्योति

रविवार, 11 अक्टूबर को सुबह 6:19 से सुबह 10:12 के बीच घटस्थापना के मुहूर्त में अखंड ज्योति प्रज्वलित करना शुभ माना गया है। अधिकांश परिवार कलश स्थापना के बाद दीपक जलाते हैं और मां दुर्गा से दीपक स्वीकार करने तथा नौ दिनों तक घर में विराजमान रहने की प्रार्थना करते हैं।

घी या तेल, क्या है बेहतर?

अखंड दीपक के लिए शुद्ध गाय का घी सबसे अच्छा माना जाता है। मान्यता के अनुसार घी का दीपक घर में शांति और समृद्धि का वातावरण बनाता है। हालांकि, कुछ परिवार अपनी परंपरा के अनुसार तिल या सरसों के तेल का दीपक भी जलाते हैं। दोनों ही विकल्प स्वीकार्य माने जाते हैं, लेकिन एक ही दीपक में घी और तेल को मिलाकर नहीं जलाना चाहिए।

माता के किस ओर रखें दीपक?

कई पंडितों के अनुसार घी का दीपक देवी के दाहिनी ओर और तेल का दीपक देवी के बाईं ओर रखा जा सकता है। अखंड ज्योति नौ दिनों तक लगातार जलती है, इसलिए इसके लिए एक किलो से अधिक घी की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में अतिरिक्त घी पहले से माता की चौकी के पास रखना उपयोगी रहेगा।

किस दिशा में होनी चाहिए ज्योति?

वास्तु के अनुसार घर या पूजा स्थल का दक्षिण-पूर्व कोना अग्नि तत्व से जुड़ा माना जाता है और अखंड ज्योति के लिए इसे उपयुक्त माना जाता है। दीपक की लौ पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है। वहीं, अखंड दीपक को दक्षिण दिशा में रखने से बचने की सलाह दी जाती है।

दीपक को जमीन पर न रखें

अखंड ज्योति के लिए पीतल का दीपक, खासकर कांच के कवर वाला दीपक, इस्तेमाल किया जा सकता है। मिट्टी का दीपक भी विकल्प है। इसे सीधे जमीन पर रखने के बजाय लकड़ी की चौकी, तांबे या पीतल की थाली अथवा अक्षत और अष्टदल कमल के ऊपर स्थापित करें। सवा हाथ लंबी सूती बत्ती को अखंड ज्योति के लिए उपयुक्त माना जाता है। कुछ परिवार बत्ती में कलावा भी लपेटते हैं।

अगर अखंड ज्योति बुझ जाए तो घबराएं नहीं

अगर नौ दिनों के दौरान अखंड ज्योति बुझ जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। हवा का झोंका, बत्ती का बहुत नीचे जलना या घी खत्म हो जाना इसके सामान्य कारण हो सकते हैं। दीपक बुझने को किसी अनहोनी का संकेत मानना जरूरी नहीं है। नवरात्रि में मां दुर्गा की भक्ति और श्रद्धा को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।

‘साक्षी दीपक’ रखें साथ

अखंड ज्योति जलाने के बाद रात में एक छोटा बैकअप दीया यानी ‘साक्षी दीपक’ जलाकर रखना उपयोगी माना जाता है। मुख्य दीपक बुझने पर उससे दोबारा ज्योति जलाई जा सकती है। इसके बाद मां दुर्गा से क्षमा प्रार्थना कर पूजा जारी रखें।

सुरक्षा का भी रखें ध्यान

नौ दिनों तक जलने वाली खुली लौ को पर्दों, पंखों और एसी की हवा से दूर रखें। बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से भी दीपक को दूर रखना जरूरी है। दीपक जलता हो तो घर को पूरी तरह खाली न छोड़ें। अगर परिवार को बाहर जाना जरूरी हो तो किसी पड़ोसी या रिश्तेदार से इसकी निगरानी कराने की व्यवस्था करें।

नवरात्रि खत्म होने पर क्या करें?

नवरात्रि की अंतिम पूजा के बाद अखंड ज्योति को खुद बुझने देना चाहिए। इसे जानबूझकर बुझाने से बचने की सलाह दी जाती है। दीपक ठंडा होने के बाद बची हुई बत्ती और घी को किसी पौधे की मिट्टी में डाल सकते हैं या बहती नदी में प्रवाहित कर सकते हैं।

Read More:

Diet Coke हुई महंगी, 330ml कैन के दाम ने छुआ रिकॉर्ड हाई, जानें क्यों बढ़ी कीमत?

The post Navratri Akhand Jyoti: नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, घी-तेल से लेकर दिशा और मुहूर्त तक सब कुछ appeared first on MH One News.

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

कब रखा जाएगा करवा चौथ व्रत? जानें मुहूर्त, अर्घ्य देने का समय और पारण

Karwa Chauth 2026: अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु की कामना के लिए रखा जाने वाला करवा चौथ व्रत इस साल 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। यह व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। सुहागन…

अष्टमी-नवमी की तारीख को लेकर कंफ्यूजन खत्म, नोट कर लें सही डेट और शुभ मुहूर्त

Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिनों में सप्तमी, अष्टमी, नवमी और दशमी तिथियों का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इन दिनों मां दुर्गा की पूजा के साथ कन्या पूजन, हवन और व्रत पारण जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।…

दिवाली 2026: 8 या 9 नवंबर को मनेगी दीपावली? जानें लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है। हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस बार…

दुर्गाष्टमी या महानवमी, कब करें कन्या पूजन? जानें सही दिन और मुहूर्त

Kanya Puja 2026 Date: इस साल दुर्गाष्टमी और महानवमी एक ही दिन यानी 19 अक्टूबर, सोमवार को पड़ रही हैं। ऐसे में अगर नवरात्रि के नौ दिनों तक कन्या पूजा करना संभव नहीं है तो 19 अक्टूबर को विधि-विधान से कन्या पूजा की जा सकती…