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यूपी में बाढ़ के खतरे से बचाव के लिए व्यापक इंतजाम, भूमि और आबादी को मिला संरक्षण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाढ़ के खतरे से आबादी और कृषि भूमि को सुरक्षित रखने के लिए योगी सरकार ने बाढ़ सुरक्षा के कार्यों को गति दी है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक अब तक लगभग 1,549 बाढ़ परियोजनाएं पूरी की जा चुकी…

VishwajagranVishwajagran
October 10, 2026
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यूपी में बाढ़ के खतरे से बचाव के लिए व्यापक इंतजाम, भूमि और आबादी को मिला संरक्षण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाढ़ के खतरे से आबादी और कृषि भूमि को सुरक्षित रखने के लिए योगी सरकार ने बाढ़ सुरक्षा के कार्यों को गति दी है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक अब तक लगभग 1,549 बाढ़ परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इन कार्यों के माध्यम से 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को बचाने के साथ 2.21 करोड़ से अधिक आबादी को लाभान्वित किया गया है। बाढ़ सुरक्षा के इन इंतजामों से किसानों की जमीन, ग्रामीण आबादी और खेती-किसानी से जुड़ी आजीविका को सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिली है।

25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सुरक्षा

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुताबिक प्रदेश में बाढ़ से बचाव के लिए पूरी की गई परियोजनाओं का प्रमुख उद्देश्य बाढ़ के प्रभाव को कम करना और आबादी व कृषि भूमि को सुरक्षित रखना है। 25.59 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि का संरक्षण किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाढ़ से खेतों में खड़ी फसल, उपजाऊ जमीन और कृषि गतिविधियों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। ऐसे में बाढ़ सुरक्षा के कार्यों से प्रभावित क्षेत्रों में भूमि की सुरक्षा को मजबूती मिली है।

2.21 करोड़ आबादी को मिला लाभ

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखने के लिहाज से भी इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2.21 करोड़ से अधिक आबादी को लाभ मिलने से बाढ़ के जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के प्रयासों को बल मिला। बाढ़ से घरों, ग्रामीण संपर्क मार्गों और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए बाढ़ सुरक्षा संबंधी कार्यों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।

सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को भी राहत

प्रदेश में जल प्रबंधन और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक कुल 1,300 सिंचाई परियोजनाएं भी पूरी की गई हैं। इनके माध्यम से 24.11 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन हुआ और 1.90 करोड़ से अधिक किसानों को लाभान्वित किया गया है। सिंचाई सुविधाओं के इस विस्तार से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने और किसानों को कृषि कार्यों में सहायता देने की दिशा में काम किया गया। वहीं इसके अतिरिक्त प्रदेश के 75 जनपदों में 76,527 किलोमीटर नहरों की लंबाई, 71 जलाशयों और 36,342 नलकूपों के जरिए सिंचाई व्यवस्था के व्यापक नेटवर्क को मजबूत किया गया है।

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