SIR से बोगस वोटिंग का रास्ता हुआ बंद, इसलिए अखिलेश यादव परेशान : असीम अरुण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री असीम अरुण ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को प्रदेश की कानून व्यवस्था पर टिप्पणी करने से पहले अपने शासनकाल के लिए लोगों से माफी मांगनी चाहिए। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि सपा का पूरा इतिहास ही राम मंदिर के विरोध का रहा है। आज जब अखिलेश यादव सनातन की बात करते हैं तो यूपी की जनता उनकी मंशा को अच्छे से समझती है।
सपा शासन में कानून-व्यवस्था बदहाल थी : असीम अरुण
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में देश और प्रदेश की कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज सपा कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। लेकिन वो अपना दौर भूल गई जब प्रदेश में माफियाओं का राज था। अपराधियों के आगे सरकार बेबस दिखती थी। लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में यूपी में कानून का राज है। जनता का योगी सरकार पर लगातार विश्वास बढ़ रहा है।
अखिलेश यादव के चुनाव आयोग पर आरोपों को बेतुका और आधारहीन बताते हुए असीम अरुण ने कहा कि देश में करीब 22 साल बाद एसआईआर हो रहा है। इससे बोगस वोटिंग रुकेगी।
अखिलेश यादव अपने शासनकाल का हिसाब क्यों नहीं देते
भाजपा प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव को 2012 से 2017 के सपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर श्वेतपत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान प्रदेश में करीब एक हजार दंगे हुए, माफियाओं का खुला प्रभाव था और कानून-व्यवस्था बद से बदतर थी।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव आयोग पर इसलिए सवाल उठा रहे हैं क्योंकि अब वोटर लिस्ट से घुसपैठियों का नाम कट रहा है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा और अखिलेश यादव को हराने के लिए तैयार बैठी है।
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