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‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ से 8 लाख स्कूली बच्चों से जुड़े मुख्यमंत्री

Bindu Mishra
November 5, 2026
4 min read
‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ से 8 लाख स्कूली बच्चों से जुड़े मुख्यमंत्री

देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास से ‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के लगभग 8 लाख स्कूली विद्यार्थियों से वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज की शुभकामनाएं देते हुए त्योहारों के सांस्कृतिक महत्व, स्वच्छता, सुरक्षा, शिक्षा और जीवन में लक्ष्य निर्धारण को लेकर प्रेरक संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके परिवार का हालचाल जाना और दीपावली की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं होते, बल्कि परिवार और समाज को आपस में जोड़ने तथा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम भी हैं। धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज जैसे पर्व हमें प्रेम, सहयोग और पारिवारिक संबंधों की अहमियत का संदेश देते हैं।

स्वच्छता और ‘वोकल फॉर लोकल’ अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से दीपावली के अवसर पर घर की साफ-सफाई में परिवार का सहयोग करने और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की छोटी-छोटी कोशिशें मिलकर प्रदेश और देश को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उन्होंने बच्चों को दीपावली पर मिट्टी के दीये जलाने और स्थानीय कुम्हारों एवं कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान को अपनाकर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इससे स्थानीय कारीगरों की आजीविका मजबूत होगी और उनके परिवारों की खुशियों में भी योगदान मिलेगा। पटाखों से दूर रहने और सुरक्षा का ध्यान रखने की सलाह त्योहारों के दौरान सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने बच्चों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने पटाखों से दूर रहने तथा दीये और फुलझड़ियां जलाते समय बड़ों की देखरेख में रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि त्योहारों का वास्तविक आनंद तभी है, जब हम स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और नई चीजें सीखने पर भी ध्यान देना चाहिए। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना बेहद जरूरी है।

एआई और डिजिटल तकनीक से और उपयोगी बनेगा कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश के बच्चों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और शिक्षा, संस्कृति, नैतिक मूल्यों सहित जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर उनका मार्गदर्शन करना है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर शहरों और गांवों तक के लाखों विद्यार्थी एक साथ इस कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक के माध्यम से इस कार्यक्रम को और अधिक उपयोगी एवं प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि बच्चों को उनकी रुचि और आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोगी एवं प्रेरक जानकारियां उपलब्ध कराई जा सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इससे पहले ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने निबंध के माध्यम से आयोजित संवाद कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के विकास को लेकर अपने विचार और सुझाव साझा किए थे। उन्होंने कहा कि बच्चों के विचार और सुझाव महत्वपूर्ण हैं तथा उनसे प्राप्त उपयोगी सुझावों पर भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण के दौरान भी विचार किया जाएगा।

बच्चों को समझाया ‘विकल्प रहित संकल्प’ का अर्थ

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को ‘विकल्प रहित संकल्प’ का अर्थ समझाते हुए कहा कि इसका आशय अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे जीवन में अपने लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना आत्मविश्वास के साथ करें। 

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