विश्व जागरण
Top News

उत्तराखंड के नवोदय विद्यालयों का होगा कायाकल्प, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में होंगे विकसित

Bindu Mishra
October 21, 2026
4 min read
उत्तराखंड के नवोदय विद्यालयों का होगा कायाकल्प, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में होंगे विकसित

देहरादून। उत्तराखंड में राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार व्यापक सुधार की दिशा में कदम उठाने जा रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इन विद्यालयों का संपूर्ण कायाकल्प करने और इन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आवासीय सुविधाओं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के आदर्श केंद्र के रूप में तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों के प्रभावी संचालन के लिए योग्य शिक्षकों, स्थायी प्रधानाचार्यों और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

सोसाइटी के माध्यम से होगा विद्यालयों का संचालन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का संचालन सोसाइटी के माध्यम से किए जाने पर जोर दिया। इसके लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय तथा जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समितियों के गठन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने सरकारी आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए एक प्रभावी कानूनी ढांचा तैयार करने को भी कहा। इससे विद्यालयों के संचालन में जवाबदेही तय करने, व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने और शैक्षणिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

स्थायी प्रधानाचार्य और योग्य शिक्षकों की होगी व्यवस्था

विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने नियमित एवं समर्पित शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में योग्य और अनुभवी शिक्षकों के साथ स्थायी प्रधानाचार्यों की व्यवस्था की जानी चाहिए।

शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यताओं के साथ उच्च शिक्षा और शोध की पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा गया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने तक पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके लिए वैकल्पिक और अस्थायी शिक्षण व्यवस्था की जाए तथा विद्यालयों के कार्मिक ढांचे को आवश्यकतानुसार मजबूत किया जाए।

नया सत्र शुरू होने से एक माह पहले पूरी होगी प्रवेश प्रक्रिया

मुख्य सचिव ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से कम से कम एक माह पहले विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि शैक्षणिक गतिविधियां निर्धारित समय पर सुचारु रूप से शुरू हो सकें।

पढ़ाई के साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य पाठ्य-सहगामी एवं पाठ्येतर गतिविधियों के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं।

उन्होंने विद्यालयों में सभी आवश्यक शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जिससे उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए होंगी बेहतर सुविधाएं

विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में विद्यार्थियों को चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए वाहन सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया।

इसके अलावा, प्रस्तावित सुविधाओं, आवश्यक कार्मिकों और विद्यालयों के संचालन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बजट निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि सुधार योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

शिक्षकों की भर्ती के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया

मुख्य सचिव ने शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी भर्ती पूरी होने तक जिला स्तर पर शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक प्रबंध किए जाएं। इसके लिए जिलाधिकारियों को आवश्यकता के अनुसार अस्थायी शिक्षकों की व्यवस्था करने के लिए अधिकृत किए जाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नवनीत पांडेय, महानिदेशक आकांक्षा कोंडे सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें