मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए rs4 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी

मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए rs4 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने प्रदेश में विभिन्न विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए लगभग 4 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इन स्वीकृतियों में उच्च न्यायालय में अत्याधुनिक सुविधाओं के विकास के साथ-साथ विभिन्न जनपदों में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और विकास कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अत्याधुनिक पेपरलेस स्मार्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) बोर्डरूम की स्थापना के लिए 1.20 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने का अनुमोदन दिया है। इस परियोजना का उद्देश्य न्यायिक कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाना है।

जनपद अल्मोड़ा के सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र स्थित प्राचीन गोपेश्वर महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण, घाट निर्माण और सुरक्षा चेक डैम के निर्माण के लिए 98.25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें प्रथम किस्त के रूप में 58.95 लाख रुपये जारी किए जाएंगे।

जनपद ऊधम सिंह नगर के नानकमत्ता विधानसभा क्षेत्र में बंगाल कॉलोनी स्थित नवनिर्मित दुर्गा मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 56.51 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रथम किस्त के रूप में 33.90 लाख रुपये जारी करने को मंजूरी दी गई है।

जनपद उत्तरकाशी के पुरोला विधानसभा क्षेत्र के न्याय पंचायत मुख्यालय जखोल/फिताड़ी स्थित श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर परिसर के समतलीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य के लिए अवशेष स्वीकृत राशि 1.85 करोड़ रुपये के सापेक्ष 1.09 करोड़ रुपये जारी करने का अनुमोदन भी मुख्यमंत्री ने प्रदान किया है।

इसके अलावा जनपद पिथौरागढ़ के डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र के खर्कदेश पट्टी स्थित बटकेश्वर मंदिर एवं तीर्थ स्थल के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए 63.39 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रथम किस्त के रूप में 38.03 लाख रुपये जारी किए जाएंगे।

वहीं, जनपद रुद्रप्रयाग के केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में स्थित द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर धाम के विकास कार्यों के लिए 54.81 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत प्रथम किस्त के रूप में 32.88 लाख रुपये जारी करने को मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री की इन स्वीकृतियों से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और आधुनिक प्रशासनिक एवं न्यायिक आधारभूत संरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।