समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बुधवार को पार्टी दफ्तर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए धर्म का सीधा मतलब सिर्फ धन कमाना है, और इस सरकार की नीतियों की वजह से अमीर और अमीर होता जा रहा है जबकि गरीब और ज्यादा गरीबी में धंसता जा रहा है। अखिलेश यादव ने एलान किया कि इस बार उनकी पार्टी मुख्यमंत्री के गढ़ गोरखपुर में भाजपा को जीरो पर समेटने के लिए पूरा जोर लगाएगी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के पार्टी नेताओं ने वहां के चुनावी नतीजे बदलने का पूरा संकल्प ले लिया है, और बहुत जल्द संगठन यह तय करेगा कि इसके लिए गोरखपुर में पार्टी की बड़ी बैठक कब आयोजित की जाए।
अपनी बात को आंकड़ों के साथ रखते हुए अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने दावा किया कि गोरखपुर में करीब 500 सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद कर दिया गया है, जिसकी वजह से लगभग 1500 लोगों की सरकारी नौकरियां सीधे तौर पर छिन गईं। इसके साथ ही उन्होंने गोरखपुर में दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराधों और चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी कुछ आंकड़े पेश किए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने मथुरा को लेकर लिखी गई एक चिट्ठी का जिक्र किया और केयर फंड व गुरु दक्षिणा के पैसों का हिसाब न मिलने को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए।
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख (Akhilesh Yadav) ने कहा कि भाजपा ने चुनावों के दौरान जहां-जहां गड़बड़ी और बेईमानी की थी, वहां से सीसीटीवी (CCTV) फुटेज अचानक गायब हो गए, क्योंकि अगर सीसीटीवी सामने आ गए तो चढ़ावा चोरी का सारा राज खुलकर जनता के सामने आ जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि समाजवादी पार्टी ने समय-समय पर यह उजागर किया है कि अयोध्या में किस तरह बड़े पैमाने पर जमीन घोटाला हुआ है और विकास के नाम पर जब व्यापारियों की दुकानें तोड़ी गईं, तो वे न्याय की गुहार लेकर सपा के पास आए थे।
इससे पहले अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सचेत किया था कि भाजपा इस देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करने पर आमादा है और वह लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि अब लोकतंत्र को बचाने का पूरा दारोमदार समाजवादी पार्टी पर है; अगर इस बार चूक गए तो साल 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव राज्य का आखिरी चुनाव साबित हो सकता है।
उन्होंने आने वाले विधानसभा चुनाव को लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताते हुए सभी कार्यकर्ताओं से एकजुट होने की अपील की। अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को हिदायत दी कि वे अभी से वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने और अपने-अपने बूथों को मजबूत करने के काम में जुट जाएं, साथ ही जनता के बीच उनका व्यवहार हमेशा शालीन और शिष्ट होना चाहिए क्योंकि प्रदेश के लोग अब हर हाल में बदलाव चाहते हैं।
भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच चुके हैं और सरकार हर मोर्चे पर नए-नए घोटाले कर रही है। आम जनता जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों और भ्रष्टाचार से बुरी तरह त्रस्त है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) समाज पूरी मजबूती के साथ समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा है, जिससे घबराकर भाजपा अब पीडीए के खिलाफ नई-नई साजिशें रच रही है।
युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार जानबूझकर भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक करवा देती है ताकि युवाओं को रोजगार न देना पड़े।
इस पार्टी के लिए धर्म का सीधा मतलब धन कमाना… अखिलेश ने भाजपा पर बोला तीखा हमला
