मुख्य सचिव ने किया निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर, किच्छा का स्थलीय निरीक्षण

मुख्य सचिव ने किया निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर, किच्छा का स्थलीय निरीक्षण

किच्छा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने कहा कि निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर का कार्य जुलाई 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि अगस्त माह से यहां ओपीडी सेवाएं शुरू की जा सकें। अस्पताल भवनों के निर्माण को प्राथमिकता देते हुए कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम किया जाए।

गुरुवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने किच्छा में 351 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 280 बेड के सैटेलाइट एम्स का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों और उपकरणों की संख्या बढ़ाकर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि परियोजना का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। सीपीडब्ल्यूडी के अभियंता उत्पल त्रिपाठी ने जानकारी दी कि अस्पताल भवन का निर्माण 30 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। आवासीय भवनों का कार्य मई तक पूरा होने की संभावना है। अस्पताल परिसर की सड़कें भी मई तक तैयार कर ली जाएंगी, जबकि जून में पौधरोपण कराया जाएगा।

उन्होंने (Anand Bardhan) बताया कि एम्स सैटेलाइट सेंटर में 250 बेड, 10 ऑपरेशन थिएटर, 30 आईसीयू बेड, डायग्नोस्टिक लैब सहित कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, जनरल सर्जरी, ऑर्थो, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक, इमरजेंसी और ट्रॉमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मरीजों और तीमारदारों की सुविधा के लिए सराय और शॉपिंग कॉम्पलेक्स भी बनाए जा रहे हैं।

एम्स ऋषिकेश की निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि यदि जुलाई तक भवन निर्माण कार्य हस्तांतरित हो जाता है तो अगस्त से ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।

अधीक्षण अभियंता सिंचाई पी.के. दीक्षित ने बताया कि एम्स परिसर के हाईवे साइड तीन एप्रोच गेट बनाए जा रहे हैं। यहां जुलाई से पहले नाला निर्माण और पुलिया का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव और मंडलायुक्त ने परिसर में पौधरोपण भी किया।

इस मौके पर मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।