दिल्ली धमाके में बड़ा खुलासा! बड़े रेस्तरां पर हमले की साजिश में थे आतंकी

दिल्ली धमाके में बड़ा खुलासा! बड़े रेस्तरां पर हमले की साजिश में थे आतंकी

दिल्ली धमाकों (Delhi Blasts) में जांच एजेंसियों को बड़ी जानकारी हाथ लगी है। धमाकों में शामिल मॉड्यूल इजराइल गाजा विवाद को लेकर भी संदेश देना चाहता था। इसी कड़ी में वो देश के कई बड़े ईटिंग ज्वाइंट को भी निशाना बनाने की फिराक में था। जांच एजेंसी सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल आदिल और शाहीन के धमाकों में मारे गए सुसाइड बॉम्बर उमर से बड़े वैचारिक मतभेद थे। इस वजह से वह बड़ा मैसेज देना चाहते थे। इन ईटिंग आउटलेट को निशाना बनाने से जांच एजेंसी को यह भी जानकारी हाथ में लगी है।
उमर से अलग यह तीन लोगों का माड्यूल अंसार उल गजावत ए हिंद को फिर से रिवाइव करने की योजना बना रहा था। अलकायदा की विचारधारा पर अपनी गतिविधियां चलाने वाले अंसार उल गजावत ए हिंद का टॉप कमांडर ज़ाकिर मूसा 2019 में मर गया था। एक और कमांडर 2021 में मर गया था और ज्यादातर इसके कमांडर मारे जा चुके थे।
बड़े ईटिंग आउटलेट को निशाना बनाकर यह वैश्विक संदेश देना चाह रहे थे कि उनकी विचारधारा कितनी कट्टर है और यह भारत में युवाओं को बरगलाने के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं। अब जांच एजेंसियां इस बात की तफ्तीश कर रही हैं और कौन-कौन से संस्थान उनके निशाने पर थे।
20 दिन चली थी जांच
लाल किले में कार धमाके (Delhi Blasts) से पहले जम्मू और कश्मीर पुलिस ने दो आतंकी संगठनों, जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और AguH से जुड़े एक टेरर मॉड्यूल का पता लगाने के लिए 20 दिन तक जांच की थी। यह जांच 19 अक्टूबर, 2025 को श्रीनगर में एक JeM पैम्फलेट मिलने के बाद शुरू हुई थी। इस पोस्टर में स्थानीय लोगों से पुलिस के साथ सहयोग न करने और उन्हें अपनी दुकानों में घुसने से मना करने के लिए कहा गया था।
इस पोस्टर की वजह से J&K पुलिस शोपियां में एक मौलवी तक पहुंची और 9 नवंबर, 2025 और 10 नवंबर, 2025 को फरीदाबाद में छापे के दौरान कथित आतंकी साजिश का खुलासा हुआ और 2,900 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ और आधुनिक हथियार बरामद हुए। JeM पाकिस्तान स्थित एक बैन आतंकी संगठन है।