आईटीबीपी के जवानों ने अबूझमाड़ के वनांचल में बनाया सात लकड़ी के पुल

आईटीबीपी के जवानों ने अबूझमाड़ के वनांचल में बनाया सात लकड़ी के पुल

नारायणपुर। जिले के अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल में बारिश की पहली बूंद गिरते ही जहां जिंदगी थम जाती थी, जहां उफनते नदी-नाले ग्रामीणों को महीनों तक दुनिया से काट देते थे, उस अबूझमाड़ में नक्सलवाद के खात्में के बाद आईटीबीपी (ITBP) 53वीं वाहिनी के जवानों ने घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच मोर्चा संभालते हुए रिकॉर्ड समय में 7 नए लॉग ब्रिज (लकड़ी के मजबूत पुल) तैयार कर दिए हैं। अब बारिश के चार महीनों में न तो इलाज के लिए किसी गर्भवती महिला को खाट पर नदी पार करनी पड़ेगी। न ही बच्चों की पढ़ाई रुकेगी।
आईटीबीपी (ITBP) के संजय कुमार से मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों की मांग पर सेनानी का क्विक एक्शन माड़ डिविजन के नवस्थापित सीओबी कोडेनार, अडिंगपार और मड़ोड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों ने आईटीबीपी से मुलाकात कर अपनी बरसों पुरानी पीड़ा साझा की थी।
ग्रामीणों ने बताया था कि, मानसून आते ही नाले उफान पर आ जाते हैं। वे अपने ही घरों में कैद हो जाते हैं। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटीबीपी ने बिना वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई करते हुए पुल निर्माण का जिम्मा उठाया। अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस इलाके में निर्माण कार्य करना किसी चुनौती से कम नहीं था।
जवानों ने जिला प्रशासन और नारायणपुर पुलिस के साथ मिलकर इस नामुमकिन काम को मुमकिन कर रिकॉर्ड समय में 7 नए लॉग ब्रिज (लकड़ी के मजबूत पुल) तैयार कर दिए है। इस मानसून में अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल में एक नई सुबह होने वाली है।