देहरादून। उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना ( Digital Census) 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य 25 अप्रैल से शुरू होकर 24 मई तक चलेगा। इस महाअभियान के तहत राज्यभर में घर-घर जाकर डेटा संग्रह किया जाएगा।
जनगणना कार्य निदेशालय, गृह मंत्रालय की ओर से शहर के एक होटल में एक पत्रकार वार्ता में निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने जानकारी दी। उन्होंने राज्य में अब तक 62,000 से अधिक लोगों ने डिजिटल माध्यम से स्व-गणना में भाग लिया है। इसमें देहरादून जिला 10,884 स्व-गणनाओं के साथ अग्रणी रहा। राज्य में इस कार्य के लिए 20,859 प्रगणक और 3,670 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जिन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। व्यापक स्तर पर लगभग 30,000 कर्मियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। जनगणना कार्य के लिए राज्य को करीब 32,000 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में विभाजित कर डिजिटल मैपिंग की गई है।
उन्हाेंने बताया कि डिजिटल ( Digital Census) प्रणाली के तहत प्रगणक मोबाइल एप के माध्यम से अपने आवंटित क्षेत्रों की जानकारी प्राप्त करेंगे और प्रत्येक घर से 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र करेंगे। यह भारत में पहली बार पूरी तरह मोबाइल एप आधारित डिजिटल जनगणना प्रक्रिया होगी। निदेशक ने बताया कि ‘हर द्वार, दस्तक’ अभियान के तहत यह चरण जनगणना 2027 की आधारशिला है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्रगणकों को सही जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं और साइबर धोखाधड़ी से भी सतर्क रहें।
पत्रकार वार्ता के दाैरान जनगणना निदेशालय से एसएस नेगी (संयुक्त निदेशक), तान्या सेठ (उप निदेशक), आरके बनवारी (उप निदेशक), प्रवीण कुमार (उप निदेशक) सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना का पहला चरण 25 अप्रैल से हाेगा शुरू
