निवेश प्रस्तावों में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, जिलाधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

निवेश प्रस्तावों में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, जिलाधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में निवेश परियोजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार ने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन (Anand Bardhan) ने सिंगल विंडो प्रणाली से जुड़े मामलों में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए सभी जिलाधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं।

बुधवार को सचिवालय में मुख्य सचिव (Anand Bardhan) की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की 65वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में उद्योग विभाग द्वारा स्वीकृत नए निवेश प्रस्तावों को समिति की संस्तुति प्रदान की गई।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने जनपद स्तर पर भूमि उपयोग परिवर्तन (धारा-143) और अन्य स्वीकृतियों से जुड़े मामलों के निस्तारण में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो प्रणाली के अंतर्गत निवेशकों को निर्धारित समय सीमा में सभी आवश्यक स्वीकृतियां और क्लीयरेंस उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

आनन्द बर्द्धन ने सचिव उद्योग को निर्देश दिए कि अनावश्यक विलंब वाले मामलों में संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रथम एवं द्वितीय चरण के सभी लंबित प्रकरणों का जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि निवेशकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. वी. षणमुगम, सी. रविशंकर, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव सौरभ गहरवार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।