सरकारी धन के एक-एक पैसे का हिसाब लूंगा, लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्रवाई: केशव प्रसाद मौर्य

सरकारी धन के एक-एक पैसे का हिसाब लूंगा, लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्रवाई: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) की अध्यक्षता में आज 7, कालिदास मार्ग स्थित कैंप कार्यालय पर ग्राम्य विकास विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम सहित ग्राम्य विकास विभाग के सोरभ बाबु प्रमुख सचिव, जीएस प्रियदर्शी सचिव/आयुक्त, विशेष सचिव, उप सचिव, अनुसचिव, अनुभाग अधिकारी, उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (यूपीआरआरडीए) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिव सहाय अवस्थी, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम) की निदेशिका श्रीमती दीपा रंजन, एसआईआरडी के निदेशक तथा अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में उपमुख्यमंत्री ने विभाग के विभिन्न घटकों की बिंदुवार समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मनरेगा (रोजगार सेवक व श्रमिक कल्याण): प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए कार्यस्थलों पर मनरेगा श्रमिकों और रोजगार सेवकों के लिए छाया, पेयजल, और ओआरएस सहित पर्याप्त सुरक्षात्मक प्रबंध तत्काल सुनिश्चित किए जाएं।
• श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान पूरी तरह समयबद्ध तरीके से हो।
• ब्लॉक स्तर पर उच्च अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से औचक निरीक्षण और समीक्षा की जाए, ताकि धरातल पर कार्यों की मॉनिटरिंग पुख्ता हो सके।

यूपीआरआरडीए (ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण): मुख्य कार्यपालक अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी कार्यों के भुगतान में पूर्ण पारदर्शिता और समयबद्धता बरती जाए।
• फेज-3 के अंतर्गत चल रहे सभी सड़क निर्माण कार्यों को अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। फेज 4 की करें पुख्ता तैयारी।
• ब्लॉकों में मार्गों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण हेतु त्वरित पत्राचार किया जाए।
• उपमुख्यमंत्री ने कहा, “निर्धारित लक्ष्य ही अंतिम रेखा नहीं होती, अधिकारी स्वयं से नवाचार (Innovation) करें।”
• ‘मेरी सड़क’ ऐप पर जनता द्वारा दर्ज कराई जाने वाली शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित हो।

एसआरएलएम (राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन): ग्रामीण क्षेत्रों में जो स्वयं सहायता समूह (SHGs) वर्तमान में निष्क्रिय या सुस्त अवस्था में हैं, उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए विशेष बैठकें आयोजित की जाएं।
• महिला समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बैंकों से बेहतर समन्वय स्थापित कर सुविधाएं दिलाई जाएं।
• गाँव की महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने के लिए योजनाबद्ध रणनीति के तहत कार्य करें।
• सरस मेलों के आयोजन के लिए जिलावार एक व्यवस्थित रोस्टर तैयार कर मेलों का आयोजन किया जाए।

यूपी.एसआईआरडी (प्रशिक्षण संस्थान): अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रतिमाह 1 लाख से अधिक लोगों को ट्रेनिंग दिए जाने के मौजूदा लक्ष्य का और विस्तार किया जाए।
• विभागीय कार्यों की प्रगति रिपोर्ट को पारदर्शी तरीके से पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाए।
• प्रशिक्षण के लिए एक मासिक रोस्टर तैयार हो और प्रत्येक जिले में विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर ट्रेनिंग की कार्ययोजना बनाई जाए।
• प्रशिक्षण भवनों और सत्रों की निगरानी स्वयं उच्च अधिकारियों द्वारा की जाए।

ग्राम चौपाल एवं पीएम आवास योजना: ग्राम चौपाल: ग्राम चौपालों के आयोजन की निगरानी मुख्यालय स्तर के अधिकारियों द्वारा मासिक रूप से की जाए। चौपालों में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति को पोर्टल पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए। साथ ही, ऐप के माध्यम से ग्राम चौपाल कार्यक्रम की पहुंच आम जनमानस तक बढ़ाई जाए।

पीएम आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कच्चे या जीर्ण-शीर्ण घरों से पीड़ित पात्र परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और त्वरित कार्रवाई की जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया मैं सरकारी धन के एक-एक पैसे का हिसाब लूंगा। जनता के विकास के पैसे का दुरुपयोग या कार्यों में लापरवाही अक्षम्य होगी। आगामी स्थानांतरण सत्र के दौरान यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार या लापरवाही की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

उन्होंने सभी अधिकारियों को टीम भावना से काम करते हुए उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया।