स्वीकृत परियोजनाओं का 15 अगस्त तक शिलान्यास कर शुरू कराएं निर्माण कार्य : योगी आदित्यनाथ

स्वीकृत परियोजनाओं का 15 अगस्त तक शिलान्यास कर शुरू कराएं निर्माण कार्य : योगी आदित्यनाथ

प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं का 15 अगस्त तक शिलान्यास कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और सभी परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी हों। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय कर प्रस्ताव उपलब्ध कराने को भी कहा।

मेला प्राधिकरण स्थित आईसीसीसी सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के प्रयागराज मंडल के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए प्रयागराज मंडल की 28 विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त विकास प्रस्तावों पर क्रमवार चर्चा की गई तथा जनप्रतिनिधियों से सुझाव और फीडबैक भी लिए गए।

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज जनपद में लगभग 9,668.27 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 1,168 विकास कार्यों, प्रतापगढ़ में 2,053.36 करोड़ रुपये की लागत के 1,092 कार्यों, फतेहपुर में 3,378.37 करोड़ रुपये की लागत के 521 कार्यों तथा कौशाम्बी में 915.13 करोड़ रुपये की लागत के 313 विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में शास्त्री पुल के समानांतर सलोरी-बघाड़ा से हेतापट्टी मार्ग पर प्रस्तावित गंगा पुल की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने परियोजना को निर्धारित समय में पूरा कराने, आईआईटी से तकनीकी परीक्षण कराकर गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

करैलाबाग से मड़ौका मार्ग पर पुराने नैनी पुल के समानांतर प्रस्तावित नए यमुना पुल की समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को व्यवहारिक और जनहितकारी दृष्टिकोण से एलाइनमेंट का पुनः परीक्षण करने के निर्देश दिए।

हंडिया (लाक्षागृह घाट) को मेजा (परानीपुर घाट) से जोड़ने वाले प्रस्तावित पुल पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना का विस्तृत और तकनीकी रूप से सक्षम प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

कांवड़ यात्रा के दौरान शास्त्री पुल पर यातायात का दबाव कम करने के लिए समानांतर कांवड़ पथ विकसित करने के प्रस्ताव पर भी मुख्यमंत्री ने परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसद और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करें। यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन या नया सुझाव हो तो उसे तत्काल उपलब्ध कराया जाए, ताकि समय पर स्वीकृति और क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश में विकास कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।

बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, विभिन्न जनपदों के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि तथा लोक निर्माण विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।