महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। मुंबई से लेकर पालघर तक हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इसी भारी बारिश और समंदर में उठी ऊंची लहरों के बीच मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित गोराई-मनोरी बीच के पास समुद्र में एक विशाल विदेशी मालवाहक जहाज के फंसने से हड़कंप मच गया। जैसे ही स्थानीय लोगों ने इस विशालकाय जहाज को तट के करीब फंसे देखा, तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही गोराई पुलिस, भारतीय तटरक्षक बल (इंडियन कोस्ट गार्ड) और भारतीय नौसेना के आईएनएस हमला (INS Hamla) की टीमें तुरंत एक्शन में आईं और मौके पर पहुंच गईं। फिलहाल तटीय सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्कता के साथ इस बात की बारीकी से जांच कर रही हैं कि इतना बड़ा विदेशी जहाज गोराई तट के इतने करीब तक कैसे पहुंच गया और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी खराबी थी या फिर कोई संदिग्ध गतिविधि शामिल है।
दूसरी तरफ, मानसून के इस विकराल रूप को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों के लिए ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने मुंबई, रायगढ़, पालघर, पुणे और नासिक समेत राज्य के पांच प्रमुख जिलों में अत्यधिक भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान तटीय और आस-पास के इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही समंदर में भारी उथल-पुथल के कारण 4 से 5 मीटर ऊंची खतरनाक लहरें उठने और ‘हाई टाइड’ (High Tide) आने की भी आशंका जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों से समुद्र तटों, जलभराव वाले निचले इलाकों और नदियों के पास जाने से पूरी तरह बचने की सख्त अपील की है।
इस मूसलाधार बारिश का सबसे भयावह असर पालघर जिले में देखने को मिल रहा है, जहां कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं। पालघर के सफाले क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण रेलवे ट्रैक पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है और स्टेशन परिसर किसी बड़े तालाब में तब्दील हो गया है। स्थानीय बाजारों और मुख्य रिहाइशी सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने से सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। इसके अलावा, बोईसर-पालघर मुख्य मार्ग पर भारी जलभराव होने की वजह से वाहनों का यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है, जबकि ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्ग टूटने से कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
इसी बीच, पालघर के जलसार गांव की समुद्री खाड़ी से एक राहत भरी खबर भी सामने आई, जहां मछली पकड़ने गए तीन स्थानीय मछुआरे अचानक आए पानी के तेज बहाव और लहरों के बीच फंस गए थे। खाड़ी में मछुआरों को डूबता देख स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ दिखाई और यात्री जेटी (Jetty) की मदद से काफी मशक्कत और भारी जोखिम उठाकर तीनों मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार पूरे हालात पर चौबीसों घंटे पैनी नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ घंटों तक मूसलाधार बारिश का यह दौर इसी तरह जारी रह सकता है, इसलिए सभी नागरिकों से अनावश्यक यात्राओं से बचने और पूरी सतर्कता व सावधानी बरतने को कहा गया है।
