बरेली में मौसम ने मचाई तबाही, 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी से बिजली आपूर्ति ठप

बरेली में मौसम ने मचाई तबाही, 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी से बिजली आपूर्ति ठप

बरेली में बुधवार रात आए तेज आंधी-तूफान (Storm) और बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक भारी तबाही मचा दी। रात करीब 10 बजे 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सबसे अधिक असर बिजली व्यवस्था और यातायात पर देखने को मिला।
आंधी के दौरान जिले में 200 से अधिक पेड़ उखड़कर गिर गए, जबकि करीब 125 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इसके चलते शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई और लोगों को रातभर परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई जगहों पर हुआ भारी नुकसान
तेज हवाओं के कारण शाहजहांपुर रोड स्थित एक पेट्रोल पंप की छत उड़ गई। पीलीभीत बाइपास पर पासपोर्ट कार्यालय के सामने लगा बड़ा विज्ञापन बोर्ड झुक गया, जबकि एक बरातघर का मुख्य गेट भी टूटकर गिर पड़ा। श्यामगंज क्षेत्र में एक मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई और मलूकपुर इलाके में छत पर लगा सोलर पैनल हवा में उड़ गया।
ट्यूलिप टावर के बाहर बिजली का पोल गिर गया। वहीं सेटेलाइट, लाल फाटक, अवैद्यनाथ द्वार, सुरेश शर्मा नगर और रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज मार्ग समेत कई स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा।
ऑटो चालक घायल, पुलिस थाने में भी नुकसान
सड़क पर पेड़ गिरने की घटना में एक ऑटो चालक घायल हो गया। वहीं एडीजी कार्यालय के बाहर भी एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया। सीबीगंज थाने परिसर में पेड़ गिरने से एक सिपाही की बुलेट मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई।
पीलीभीत बाइपास, बदायूं रोड और नैनीताल हाईवे पर कई यूनिपोल और होर्डिंग भी धराशायी हो गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
शनिवार तक यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने रुहेलखंड क्षेत्र के लिए शनिवार तक बारिश और तेज हवाओं का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 13 जून तक तेज हवाएं और बारिश का दौर जारी रह सकता है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, आने वाले दिनों में तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
बुधवार को बरेली का अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। हालांकि मौसम में बदलाव के बाद आने वाले दिनों में तापमान में कमी की संभावना जताई गई है।