इंदौर के चर्चित Raja Raghuvanshi Murder Case में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi ) की जमानत रद्द करने संबंधी याचिका पर Meghalaya High Court में सुनवाई पूरी हो गई है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
सुनवाई के दौरान सोनम रघुवंशी के वकीलों ने अदालत के समक्ष अपनी लिखित दलीलें पेश कीं। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई पूरी मानते हुए निर्णय सुरक्षित रख लिया। अब सभी की नजरें अदालत के अंतिम आदेश पर टिकी हैं।
निचली अदालत ने दी थी सशर्त जमानत
इस मामले में सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi ) को पहले जिला अदालत से सशर्त जमानत मिली थी। अदालत ने पुलिस की प्रक्रिया में कथित त्रुटियों और अन्य कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जमानत मंजूर की थी। हालांकि, Meghalaya Police ने इस फैसले का विरोध करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया और जमानत निरस्त करने की मांग की।
बचाव पक्ष ने रखा अपना पक्ष
सोनम (Sonam Raghuvanshi ) के वकील ने अदालत में दलील दी कि मामला जटिल है और आरोपी को पर्याप्त कानूनी अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने गिरफ्तारी प्रक्रिया में भी कथित खामियों का हवाला दिया। इन्हीं तर्कों के आधार पर निचली अदालत ने जमानत प्रदान की थी।
क्या है पूरा मामला?
इंदौर निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी Raja Raghuvanshi की शादी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद दोनों हनीमून के लिए Meghalaya गए थे। 23 मई को दोनों के लापता होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की।
3 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव एक खाई से बरामद हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या की साजिश का खुलासा करने का दावा किया और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। बाद में जांच में सोनम रघुवंशी की कथित भूमिका सामने आने पर उसे भी आरोपी बनाया गया।
अब हाईकोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रहेगी या उसे फिर से न्यायिक हिरासत में जाना पड़ सकता है। मामले का फैसला आने का इंतजार किया जा रहा है।
सोनम रघुवंशी फिर जाएगी जेल या मिलेगी राहत?, निगाहें अब न्यायालय के आदेश पर
