पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न हुए चुनावी नतीजों के बाद अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर गहरा सांगठनिक संकट खड़ा हो गया है और पार्टी में आंतरिक बगावत की दरारें साफ तौर पर नजर आने लगी हैं। इसी कड़ी में तृणमूल कांग्रेस को एक और बड़ा और तगड़ा झटका लगा है, जब पार्टी के एक और वरिष्ठ राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ( Prakash Chik Baraik) ने अपने पद से त्यागपत्र देने का फैसला किया है। राजनैतिक सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, प्रकाश चिक बराइक आज राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर उन्हें अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिसमें उन्होंने तत्काल प्रभाव से अपने पद को छोड़ने की स्पष्ट बात कही है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक और असहज करने वाली साबित हो रही है, क्योंकि चुनाव परिणामों के बाद से ही पार्टी के भीतर असंतोष का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है। अब तक प्रकाश चिक बराइक ( Prakash Chik Baraik) को मिलाकर तृणमूल कांग्रेस के कुल तीन राज्यसभा सांसद संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं, जिससे शीर्ष नेतृत्व की मुश्किलें और सांगठनिक पकड़ दोनों ही कमजोर होती दिख रही हैं।
इस सिलसिलेवार इस्तीफे की शुरुआत आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुए जघन्य दुष्कर्म और हत्या मामले के बाद शुरू हुई थी, जब पार्टी के कद्दावर नेता और वरिष्ठ सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकाल और उसकी प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर नैतिक सवाल खड़े करते हुए राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। इसके ठीक बाद, कांग्रेस छोड़कर तृणमूल में शामिल हुईं महिला विंग की प्रमुख और असम से निर्वाचित महिला सांसद सुष्मिता देव ने भी संसद की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया और टीएमसी से नाता तोड़ते हुए अपने गृह राज्य असम की क्षेत्रीय राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने का ऐलान कर दिया।
राजनीतिक गलियारों और राष्ट्रीय मीडिया में चल रहे अपुष्ट दावों और कयासों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के भीतर यह असंतोष केवल इन तीन नेताओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी के करीब 20 अन्य लोकसभा और राज्यसभा सांसद भी ममता बनर्जी का साथ छोड़कर एक नई और अलग राह चुनने का मन बना चुके हैं।
इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल विधानसभा के भीतर भी कई स्थानीय विधायक लगातार बागी रुख अख्तियार किए हुए हैं और उन्होंने पूर्व टीएमसी नेता ऋतब्रत बनर्जी को अपना वास्तविक नेता मानते हुए ममता बनर्जी का खेमा छोड़ने के खुले संकेत दे दिए हैं, जो आने वाले समय में बंगाल की राजनीति में एक बड़े उलटफेर का गवाह बन सकता है।
