नौतपा (Nautapa) की शुरुआत हो चुकी है। ये 02 जून तक रहेगा। नौतपा नौ दिनों का होता है। इसकी शुरुआत तब होती है, जब भगवान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में गोचर करते हैं। नौतपा के दौरान भगवान सूर्य की किरणें सीधी धरती पर पड़ती हैं। इस दौरान वो धरती के सबसे ज्यादा पास होते हैं। सूर्यदेव की किरणें सीधी धरती पर पड़ने के कारण ही नौतपा में भीषण गर्मी पड़ती है।
ये समय सूर्यदेव की अराधना के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान किए जप, तप और दान से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। साथ ही सूर्यदेव की कृपा प्राप्त होती है। चूंकि, इस दौरान सूर्यदेव अपनी प्रचंड उर्जा में होते हैं, इसलिए वास्तु के अनुसार, ये समय एक खास उपाय के लिए भी बेहद शुभ होता है। ये उपाय है जल से जुड़ा उपाय। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
मिट्टी का घड़ा बदल सकता है किस्मत
नौतपा (Nautapa) के दौरान घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) और उत्तर दिशा में पानी से भरा मिट्टी का घड़ा रखें। वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से घर का ऊर्जा संतुलन बेहतर होता है। इस एक उपाय को करने से न सिर्फ गर्मी से राहत मिलती है, बल्कि आर्थिक परेशानियां भी दूर हो जाती हैं। वास्तु में घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) और उत्तर दिशा जल तत्व की दिशा मानी गई है।
धन के देवता कुबेर की दिशा
उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की भी दिशा माना जाता है। मान्यताओं के अनुससार, इस दिशा में मिट्टी का घड़ा भरकर रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। अगर घर में मिट्टी का घड़ा रखना संभव न हो तो मिट्टी की सुराही, गमला, दीपक, मूर्तियां या गुल्लक भी रखी जा सकती है। इन चीजों का प्रभाव भी शुभ पड़ता है।
ये गलतियां न करें
– वास्तु अनुसार, पानी का मटका कभी भी खाली या टूटा हुआ न रखें।
– मटका हमेशा भरा रखें।
– मटके पास अग्नि से जुड़ी चीजें न रखें।
नौतपा (Nautapa) में करें ये काम
नौतपा (Nautapa) के समय में समय में पानी, सत्तू, छाछ, शरबत, या मिट्टी के घड़े का दान करें। साथ ही रोजाना ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। सात्विक भोजन, ताजे फल, छाछ, सत्तू का सेवन करें।
नौतपा में करें ये अचूक उपाय, पैसों से भर जाएगा घर
