रेप आरोपी के जेल से बाहर आते ही रोड शो, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप

रेप आरोपी के जेल से बाहर आते ही रोड शो, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप

गाजियाबाद में एक एलएलबी छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी और हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व नगर अध्यक्ष सुशील प्रजापति (Sushil Prajapati) के जेल से बाहर आते ही एक नया विवाद खड़ा हो गया है। करीब नौ महीने तक जेल में रहने के बाद 17 मई को जैसे ही आरोपी जमानत पर रिहा हुआ, डासना जेल के गेट पर उसके समर्थकों ने फूल-मालाओं से उसका भव्य स्वागत किया। इसके बाद समर्थकों ने सड़कों पर गाड़ियों का एक बड़ा काफिला निकालकर जमकर नारेबाजी की और शक्ति प्रदर्शन किया। इस स्वागत समारोह और जुलूस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने कानून-व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो संज्ञान में आने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह पूरा मामला 8 अगस्त 2025 को तब उजागर हुआ था, जब मोदीनगर की रहने वाली एक एलएलबी छात्रा ने मुरादनगर थाने में सुशील प्रजापति (Sushil Prajapati) के खिलाफ दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता के अनुसार, उसकी मुलाकात नवंबर 2021 में सुशील से हुई थी, जब वह मेरठ कोर्ट में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के अधीन प्रैक्टिस कर रही थी। आरोपी ने छात्रा को गाजियाबाद कोर्ट में चैंबर दिलाने और प्रैक्टिस में मदद करने का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लिया था।
छात्रा का आरोप है कि गाजियाबाद कोर्ट में चैंबर की व्यवस्था कराने के बहाने आरोपी उसे अपनी थार गाड़ी से एक फ्लैट पर ले गया, जहाँ उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। वारदात के बाद आरोपी ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी और उसे सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गया। इस शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था और 11 अगस्त 2025 को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तारी के समय भी कुछ संगठनों ने थाने पर जमकर हंगामा किया था।
अब नौ महीने बाद आरोपी की रिहाई पर हुए इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस सख्त रुख अपना रही है। डीसीपी ग्रामीण सुरेन्द्र नाथ तिवारी ने बताया कि वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आ चुका है। जेल गेट से लेकर सड़क पर किए गए इस हुड़दंग और शक्ति प्रदर्शन की गहनता से जांच की जा रही है, और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।