यूपी बोर्ड की नई पहल, इन छात्रों को 10वीं-12वीं एग्जाम में मिलेंगे बोनस अंक

यूपी बोर्ड की नई पहल, इन छात्रों को 10वीं-12वीं एग्जाम में मिलेंगे बोनस अंक

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने राज्य की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। बोर्ड ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में खेल गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-खिलाड़ियों को अतिरिक्त अंक (बोनस नंबर) देने का एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है। इस नई योजना के तहत राज्य, राष्ट्रीय (नेशनल) और अंतर्राष्ट्रीय (इंटरनेशनल) स्तर की मान्यता प्राप्त खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने या भाग लेने वाले छात्रों को 5 से लेकर 20 नंबर तक का लाभ मिल सकता है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह के अनुसार, इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेज दिया गया है, जिसके लागू होते ही खेल और पढ़ाई दोनों में तालमेल बिठाने वाले छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा।
प्रस्तावित नीति के तहत अंकों का निर्धारण छात्र की उपलब्धि और प्रतियोगिता के स्तर के आधार पर किया जाएगा। राज्य स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 5 अतिरिक्त नंबर दिए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर की बात करें तो इसमें केवल प्रतिभाग करने वाले छात्रों को 7 नंबर और शीर्ष तीन स्थानों पर पदक जीतने वालों को 10 नंबर देने की योजना है। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले छात्रों को 15 नंबर और वहां कोई भी पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अधिकतम 20 बोनस अंक दिए जा सकते हैं। यह लाभ स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI), एनसीसी (NCC), स्काउट्स एंड गाइड्स के साथ-साथ कक्षा 9वीं और 11वीं में खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने वाले पात्र छात्रों पर भी समान रूप से लागू होगा।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए छात्रों के पास कुछ अनिवार्य शर्तें और नियम तय किए गए हैं। बोनस अंक केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेंगे जिनके पास खेल संघों या मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं का वैध प्रमाण पत्र होगा, जो परीक्षा वर्ष के 31 जनवरी तक जारी किया गया हो। यदि किसी छात्र के पास एक से अधिक प्रमाण पत्र हैं, तो उसे केवल उसी एक सर्टिफिकेट का लाभ मिलेगा जिससे उसे सबसे ज्यादा नंबर मिल रहे हों। इसके अलावा, बोर्ड ने साफ किया है कि कंपार्टमेंट परीक्षा देने वाले छात्रों को इस बोनस अंक योजना के दायरे से बाहर रखा जाएगा।
परीक्षा परिणाम और मार्कशीट में इन अंकों को जोड़ने की प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। हाई स्कूल (10वीं) के छात्रों के परिणाम में इन बोनस अंकों को उनकी मार्कशीट-सह-प्रमाणपत्र में अलग से प्रदर्शित किया जाएगा, जबकि इंटरमीडिएट (12वीं) के छात्रों के कुल प्राप्तांकों में इन्हें सीधे जोड़ दिया जाएगा। बोर्ड ने छात्रों को एक और बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण (फेल) हो जाता है, तो उसे पास कराने के लिए इन बोनस अंकों का उपयोग अधिकतम दो विषयों में ग्रेस मार्क्स (अनुग्रह नंबर) के रूप में भी किया जा सकेगा।