नेपाल (Nepal) में ‘जेन-Z’ आंदोलन के बाद हो रहे ऐतिहासिक संसदीय चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी है। शुक्रवार (6 मार्च 2026) को आ रहे शुरुआती रुझानों ने सबको चौंका दिया है, जहां आरएसपी पारंपरिक वामपंथी और लोकतांत्रिक दलों को पछाड़ते हुए काफी आगे निकल गई है।
नेपाल चुनाव (Nepal Election) 2026: मुख्य अपडेट्स
बालेन शाह का जादू: काठमांडू के बेहद लोकप्रिय पूर्व मेयर और रैपर बालेन शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाना पार्टी के लिए मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता ने आरएसपी के पक्ष में एक जबरदस्त लहर पैदा की है।
रुझानों में आरएसपी की बढ़त: चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, आरएसपी ने 44 सीटों पर बढ़त बना रखी है। इसकी तुलना में स्थापित दल जैसे CPN-UML (5 सीटें) और नेपाली कांग्रेस (4 सीटें) काफी पीछे नजर आ रहे हैं।
वामपंथी दलों का सूपड़ा साफ: रुझानों से संकेत मिल रहे हैं कि पारंपरिक वामपंथी राजनीति से जनता का मोहभंग हो रहा है। आरएसपी की इस ‘घंटी’ (चुनाव चिह्न) की गूंज में वामपंथी गढ़ ढहते नजर आ रहे हैं।
ऐतिहासिक चुनाव: यह चुनाव सितंबर 2025 में हुए युवा नेतृत्व वाले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद हो रहे हैं, जिन्होंने तत्कालीन ओली सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था। इस बार करीब 19 मिलियन मतदाताओं ने हिस्सा लिया है।
बालेन शाह की चुनौती: बालेन शाह झापा-5 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जो इस चुनाव की सबसे चर्चित भिड़ंत मानी जा रही है। शुरुआती रुझानों में बालेन शाह यहां भी मजबूत स्थिति में बताए जा रहे हैं।
नेपाल चुनाव: जेन-Z आंदोलन का असर, बालेन शाह के नेतृत्व में आरएसपी का ऐतिहासिक प्रदर्शन
