कश्मीर हमलों का मास्टरमाइंड खत्म, हाफिज सईद के करीबी यूसुफ अफरीदी ढेर

कश्मीर हमलों का मास्टरमाइंड खत्म, हाफिज सईद के करीबी यूसुफ अफरीदी ढेर

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KPK) में अज्ञात बंदूकधारियों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सबसे प्रभावशाली कमांडरों में से एक शेख यूसुफ अफरीदी (Yusuf Afridi) की हत्या कर दी। अफरीदी न केवल एक आतंकी था, बल्कि वह वैचारिक और रणनीतिक स्तर पर संगठन की रीढ़ माना जाता था।
अफरीदी (Yusuf Afridi) लश्कर-ए-तैयबा में प्रांतीय स्तर का सबसे बड़ा अधिकारी था। वह खैबर पख्तूनख्वा में संगठन के ब्रांच हेड के रूप में कार्यरत था।
जम्मू-कश्मीर हमलों में बड़ी भूमिका
भारत के खिलाफ हमलों की प्लानिंग में अफरीदी (Yusuf Afridi) का हाथ बेहद अहम माना जाता था। जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ सालों में हुए कई आतंकी हमलों के पीछे उसी का दिमाग और नेटवर्क काम कर रहा था। वह अपने कबीलाई संपर्कों का इस्तेमाल कर घुसपैठ के रास्तों और रसद को सुगम बनाता था।
2026 आतंकी नेतृत्व के लिए ‘काल’ का वर्ष
शेख यूसुफ अफरीदी (Yusuf Afridi) की हत्या इस साल की कोई इकलौती घटना नहीं है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक, लश्कर और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे समूहों के 30 से ज्यादा टॉप पदाधिकारी मारे जा चुके हैं। ये हत्याएं लाहौर, कराची, पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान जैसे इलाकों में लगातार हो रही हैं।
आतंकवादियों पर हमलों का सिलसिला
यह हत्या पाकिस्तान में हाल के समय में हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों पर हुए कई हमलों की कड़ी में आती है। पिछले महीने लाहौर में एक टीवी स्टेशन के बाहर अज्ञात बंदूकधारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्य और वांछित आतंकवादी अमीर हमजा पर हमला किया। 67 वर्षीय अमीर हमजा इस हमले में बाल-बाल बच गए।
इससे पहले जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के बड़े भाई मुहम्मद ताहिर अनवर की पाकिस्तान में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। अनवर जैश-ए-मोहम्मद के अंदर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे और संगठन के ऑपरेशंस में सक्रिय थे।
पिछले साल मार्च में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष आतंकवादी अबू कताल उर्फ कताल सिंधी की पाकिस्तान के झेलम (पंजाब) में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी। वह हाफिज सईद का करीबी सहयोगी था। कताल पर जम्मू-कश्मीर के रियासी हमले (2024) का मास्टरमाइंड होने का आरोप था, जिसमें नौ लोगों की मौत हुई थी और 33 घायल हुए थे।
2023 से जारी हत्याओं का पैटर्न
पाकिस्तान में आतंकवादियों की ऐसी टारगेटेड हत्याओं का सिलसिला 2023 से साफ देखने को मिल रहा है। उस साल सात महीनों में सात आतंकवादियों को मार गिराया गया था।