UGC गाइडलाइंस पर देशभर में मचा बवाल, सरकार देगी सफाई

UGC गाइडलाइंस पर देशभर में मचा बवाल, सरकार देगी सफाई

UGC के नए नियम को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। पूरे देश में जारी विरोध के बाद अब सरकार सफाई देने में लगी है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि UGC के नियम सभी के लिए निष्पक्ष होंगे और किसी के साथ भी कोई अनुचित व्यवहार नहीं किया जाएगा।
साथ ही कहा गया है कि अधिसूचित नियमों को लेकर यदि कोई भ्रांतियां हैं, तो उन्हें दूर करने के लिए शिक्षा मंत्रालय जल्द ही स्पष्टीकरण जारी करेगा। UGC के नए नियमों को लेकर बवाल बढ़ता ही जा रहा है। इसे लेकर स्वर्ण समाज से जु़ड़े संगठन विरोध जता रहे हैं। उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ विरोध देश के कई राज्यों तक पहुंच गया है, राजधानी दिल्ली में आज सवर्ण समाज ने सड़कों पर उतरने का एलान किया है।
UGC के नए नियम पर सामान्य वर्ग से जुड़े संगठनों में नाराजगी है। 9 सदस्यीय कमेटी में संस्थान प्रमुख, 3 प्रोफेसर, 1 कर्मचारी, 2 सामान्य नागरिक, 2 विशेष आमंत्रित छात्र होंगे। 5 सीट SC/ST, OBC दिव्यांग, महिलाओं के लिए रिजर्व रखी गई है। सबसे बड़ी बात ये है कि सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व की बात ही नहीं है। जिसके खिलाफ शिकायतों की आशंका सबसे ज्यादा है।
क्यों बनाई जाएगी कमेटी?
ये समिति SC/ST, OBC दिव्यांग, महिलाओं की शिकायतों का निपटारा करेगी…ये ज्यादातर शिकायत सामान्य वर्ग के खिलाफ हो सकती है। ऐसे में बड़ा पेच ये है कि इस समिति में सामान्य वर्ग का कोई भी सदस्य नहीं होगा, समिति में सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व की बात ही नहीं की गई। सामान्य वर्ग को डर है कि इस नए नियम से उनके खिलाफ अन्याय और फर्जी शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट ने नियम के खिलाफ दिया इस्तीफा
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री UGC की नई गाइडलाइन और शंकराचार्य मुद्दे पर इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने नई गाइडलाइन को रॉलेट एक्ट 1919 की संज्ञा देते हुए कहा कि ये सामान्य वर्ग के छात्रों का शोषण करने वाली है। सवाल उठता है कि रॉलेट एक्ट क्या था, क्यों राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने इसका विरोध किया था।