जिला कलेक्ट्रेट सभागार, नई टिहरी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन आनन्द बर्द्धन (Anand Bardhan) की अध्यक्षता में जनपद के जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच विकास कार्यों एवं जनसमस्याओं को लेकर विस्तृत एवं संवादात्मक मंथन हुआ। बैठक ने जन अपेक्षाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के बीच समन्वय का महत्वपूर्ण मंच प्रस्तुत किया।
मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर जिला स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, जिससे जनता को त्वरित राहत मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्रीय आवश्यकताओं एवं विकास संबंधी मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय ने क्षेत्रीय असमानताओं एवं आरक्षित क्षेत्र विस्तार से जुड़े विषय उठाए, वहीं विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार एवं विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुदृढ़ करने हेतु संसाधनों एवं उपकरणों की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
विधायक देवप्रयाग विनोद कण्डारी ने पेयजल आपूर्ति एवं पर्यटन विकास से जुड़े रोपवे परियोजनाओं को गति देने का विषय रखा, जबकि दर्जाधारी मंत्री जोत सिंह बिष्ट ने नदी तटीय आवागमन के वैकल्पिक साधनों की आवश्यकता को रेखांकित किया। दर्जाधारी मंत्री विनोद सुयाल ने यात्रा सीजन के दौरान देवप्रयाग–ऋषिकेश मार्ग पर बढ़ते दबाव एवं प्रबंधन चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।
बैठक में नगर पालिका परिषद नई टिहरी अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने विस्थापित नई टिहरी शहर की विभिन्न समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) सदस्य दिनेश डोभाल ने नगर पंचायत घनसाली की भूमि के नियमितीकरण तथा चारधाम यात्रियों को नई टिहरी से जोड़ने हेतु प्रभावी प्रयास किए जाने की मांग रखी।
जनपद के विभिन्न नगर निकायों के अध्यक्षों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं एवं विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। नगर पालिका चम्बा एवं देवप्रयाग द्वारा पार्किंग सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया गया, जबकि नगर पंचायत घनसाली एवं चमियाला के प्रतिनिधियों ने वन्यजीवों के बढ़ते हमलों से जनजीवन एवं कृषि को हो रहे नुकसान की समस्या उठाई।
विकासखण्ड प्रमुखों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क एवं वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से रखा गया। इन सभी विषयों पर मुख्य सचिव ने संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए संबंधित विभागों को त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस बैठक ने यह संकेत दिया कि जनपद स्तर पर विकास केवल योजनाओं के क्रियान्वयन का विषय नहीं, बल्कि निरंतर संवाद, समन्वय और जवाबदेही का साझा दायित्व है।
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष चम्बा शोभनी धनोला, मुनिकीरेती नीलम विजल्वाण, देवप्रयाग ममता देवी, अध्यक्ष नगर पंचायत तपोवन विनीता बिष्ट, घनसाली आनन्द बिष्ट, चमियाला गोविन्द सिंह राणा, लम्बगांव रोशन रांगड़।
ब्लॉक प्रमुख गणों में घनसाली राजीव कंडारी, चंबा सुमन सजवाण, नरेन्द्रनगर दीक्षा राणा, कीर्तिनगर अंचला खंडेवाल, देवप्रयाग विनोद बिष्ट, प्रतापनगर मनीषा पंवार, जौनपुर सीता पंवार व थौलधार सुरेन्द्र भण्डारी सहित विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि व अधिकारी गण उपस्थित रहे ।
मुख्य सचिव ने विकास कार्यों एवं जनसमस्याओं की समीक्षा बैठक की
