योगी सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश में होगी 42 हजार होम गार्ड की भर्ती

Recruitment of 42 thousand home guards in UP

लखनऊ। यूपी की योगी सरकार (Yogi Government) ने युवाओं को रोजगार देने के मुहिम के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने बड़ा फैसला लेते हुए 42000 होमगार्ड स्वयंसेवकों (Home Guards Volunteers)  की भर्ती के आदेश दिए हैं। उन्होंने जल्द हजारों होमगार्ड्स (Home Guards) के सेवानिवृत्त होने के दृष्टिगत जल्द भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने को कहा। साथ ही, होमगार्ड्स  को आपदा मित्र के रूप में तैनात करने के लिए नियमावली बनाने का निर्देश भी दिया।

मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने यह निर्देश शनिवार को होमगार्ड के विभाग की समीक्षा के दौरान दिए हैं। क़ानून-व्यवस्था और आपदाकाल की स्थिति में होमगार्ड स्वयंसेवकों की भूमिका की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री (CM Yogi)  ने कहा कि विभिन्न राज्यों में भी उत्तर प्रदेश के होमगार्ड स्वयंसेवकों ने उत्कृष्ट कार्य किया है। इसलिए उन्हें बेहतर सुविधाएं भी मिली चाहिए। सीएम ने फिटनेस के मद्देनजर साप्ताहिक ड्रिल कराने को कहा। वर्तमान में सेवारत होमगार्ड्स को आपदा मित्र का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था शुरू करने का निर्देश दिया।

हर साल सेवानिवृत्त हो रहे 4 हजार

बता दें कि वर्तमान में प्रदेश में 76 हजार से अधिक पूर्णकालिक होमगार्ड स्वयंसेवक (Home Guards Volunteers) हैं। लगभग 75 हजार ड्यूटी पॉइंट पर तैनात हैं। इनमें से प्रति वर्ष लगभग 4 हजार होमगार्ड सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2033 तक 42 हजार से अधिक होमगार्ड सेवानिवृत्त हो जाएंगे। मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने नई नियुक्ति की प्रक्रिया समय से पूरी करने का निर्देश देते हुए कहा कि दो चरणों मे 21-21 हजार होमगार्ड स्वयंसेवकों (Home Guards Volunteers) की भर्ती करने का लक्ष्य लेकर कार्यवाही आगे बढ़ाएं।

मैनपावर का करें सदुपयोग

योगी (CM Yogi) ने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (State Disaster Management Authority) के माध्यम से तैनात आपदा मित्र के रूप में हमारे पास पहले से ही दक्ष मैनपॉवर है। हमें इनका सदुपयोग करना चाहिए। आपदा मित्रों का प्रशिक्षण करावाकर उन्हें होमगार्ड स्वयंसेवक (Home Guard Volunteers)  के रूप में सेवा देने का अवसर दिया जाना चाहिए। इस संबंध में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (State Disaster Management Authority)  से समन्वय स्थापित करते हुए विधिक परामर्श प्राप्त कर नियमावली तैयार करवाएं।