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अब मदरसों से निकलने वाले युवा भी होंगे प्रोफेशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मदरसा शिक्षा (Madarasa Education) को विज्ञान व आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़कर आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध करवा रही है। वहीं अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास के लिए भी सरकार ठोस प्रयास कर रही है। मदरसों (Madarasas) में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ई-लर्निंग एप (e-learning app) तैयार किया है। यह एप आनलाइन पढ़ाई करने में सहायक होगा। ई-लर्निंग एप के जरिए मजदूर बच्चे भी जो नियमित मदरसा नहीं जा सकते हैं, वह भी घर बैठकर अच्छे से पढ़ाई कर सकते हैं।

ई-लर्निंग एप छात्र-छात्राओं के साथ ही मौलवियों के लिए भी सहायक होगा। इस एप पर क्लिक करते ही पाठ्यक्रम सामने होगा। इस एप को मोबाइल पर आसानी से खोला जा सकता है।

अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इसलिए वर्तमान शैक्षिक सत्र में मदरसों के शैक्षिक पाठ्यक्रम में सभी आजादी के आन्दोलन में सहभागी महापुरुषों तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जीवन गाथाओं को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

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अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री ने कहा कि केन्द्र में प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व में और राज्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सरकार सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास की नीति पर काम रही है। एक हाथ में कुरआन और दूसरे हाथ में कम्प्यूटर’’ से अल्पसंख्यकों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

दानिश आजाद ने कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा सबसे बुनियादी जरूरत है। हमारी सरकार पूरी तरह से मदरसों की शिक्षा की बेहतरी के लिए लगातार काम कर रही है। मदरसा पोर्टल बनाकर मदरसों की व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है। मदरसा शिक्षा की परीक्षा की समस्त कार्यवाही ऑनलाइन कराई जायेगी। राज्य सरकार मदरसों के आधुनिकीकरण और मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को श्रेष्ठ शिक्षा एवं संसाधन मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित 24 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं के आधारभूत संरचना के विकास धनराशि 5.42 करोड़ जारी की गयी है। हमारी सरकार की कोशिश है कि मदरसों से निकलने वाले युवा प्रोफेशन हों। उन्हें भी मल्टी नेशनल कम्पनियों में बड़ी-बड़ी नौकरी मिले। वह केवल दीनी पढ़ाई तक सीमित न रहें। सरकार का यह प्रयास जारी रहेगा।

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