LIFESTYLE

जानिए महिलाओं में यौन बीमारियों के लक्षण

नई दिल्ली। यौन संचारित रोग (Sexually transmitted diseases) एक ऐसा संक्रमण है जो आमतौर पर किसी भी प्रकार के यौन संपर्क (sexual contact) के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। स्त्रियों और पुरुषों में सेक्शुअल ट्रांसमिटेड डिजीज यानी यौन रोगों (sexually transmitted diseases) के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं।

बच्चों की फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर ध्यान देने के लिए करे ये काम

महिलाओं में यौन बीमारियों के लक्षण-

महिलाओं में यौन बीमारियों (sexually transmitted diseases in women) के लक्षण दर्द और शारीरिक संबंध बनाने के दौरान असहजता, पेशाब में दर्द, जलन और सूजन के रूप में दिखाई पड़ते हैं। योनी के आसपास घाव, खुजली, रैशेज और दाने भी यौन संक्रमित बीमारियों के लक्षण होते हैं। यौन बीमारियों और संक्रमण की सबसे बड़ी वजह लापरवाही भी होती है। अशिक्षा और जागरुकता का अभाव भी इसके मुख्य कारणों में से एक है।

गोनोरिया – ये बीमारी नीस्सीरिया नाम के एक बैक्टीरिया से होती है। असुरक्षित यौन संबंधों, ओरल सेक्स और अप्राकृतिक सेक्स के कारण यह संक्रमण फैलता है। यह एक गर्भवती महिला से उसके बच्चे में भी ट्रांसफर हो सकता है।

जाने क्या होते है AC की हवा से नुकसान

क्लैमीडिया – यह आमतौर पर महिलाओं की प्रजनन प्रणाली के प्रजनन अंगों को स्थायी और गंभीर क्षति पहुंचाता है। इससे महिला को गर्भ धारण करने में भी दिक्कत आ सकती है।

सिफलिस – यह बहुत ही घातक यौन संचारित रोगों में से एक है। इस यौन संचारित रोग का मुख्य कारण संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाना है।

जेनाइटल हर्पीस – यह बीमारी बैक्टीरियल इंफेक्शन से होती है। इसमें जननांगो के आस-पास बड़े-बड़े फफोले (द्रव-भरे हुए छाले) बनने लगते है। यह एक संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस (एचएसवी) के कारण जेनाइटल हर्पीस रोग फैलता है।

प्रदेश में चलेगा 21 दिवसीय TB मुक्त अभियान

एचआईवी एड्स – एचआईवी एक वायरस है, जो एड्स नाम की बीमारी को जन्म देता है। यह सीधा हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम पर अटैक करता है। असुरक्षित यौन संबंध और पीड़ित व्यक्ति के शारीरिक द्रव के संपर्क में आने से आप इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकती हैं।

Related Articles

Back to top button