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इंडियन ऑयल ने अब तक का सबसे अधिक राजस्व और शुद्ध लाभ किया अर्जित

नई दिल्ली।  इंडियन ऑयल (IndianOil) ने अब तक का सबसे अधिक राजस्व और शुद्ध लाभ अर्जित किया है। शानदार परिचालन प्रदर्शन पर इंडियन ऑयल (IndianOil) के अध्यक्ष एस.एम. वैद्य ने कहा है कि इस साल इंडियन ऑयल (IndianOil) ने परिचालन से अब तक का सबसे अधिक राजस्व और साथ ही अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ अर्जित किया है। यह शानदार उपलब्धि कड़ी चुनौतियों के बावजूद भी उत्कृष्टता के नए बेंचमार्क सेट करने के हमारे संकल्प को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि यह नए भारत की सामाजिक-आर्थिक आकांक्षाओं को बढ़ावा देने पर हमारे निरंतर ध्यान को भी मान्य करता है। इंडियन ऑयल (IndianOil) ने वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान निर्यात सहित 86.407 मिलियन टन उत्पाद बेचे। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए हमारा रिफाइनिंग थ्रूपुट 67.665 मिलियन टन था और वर्ष के दौरान कॉर्पोरेशन के देशव्यापी पाइपलाइन नेटवर्क का थ्रूपुट 83.248 मिलियन टन था।

वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सकल रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) पिछले वित्तीय वर्ष में 5.64 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल की तुलना में 11.25 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल था। वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही के लिए निर्यात सहित इंडियन ऑयल के उत्पाद बिक्री की मात्रा 23.310 मिलियन टन थी। तिमाही के दौरान रिफाइनिंग थ्रूपुट 18.265 मिलियन टन था और कॉर्पोरेशन के देशव्यापी पाइपलाइन नेटवर्क का थ्रूपुट 22.061 मिलियन टन था।

कार्यपालक निदेशक (कॉर्पोरेट संचार) डॉ. उत्तिया भट्टाचार्य ने बताया कि इंडियन ऑयल (IndianOil) ने पिछले वित्तीय वर्ष में 514890 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 728460 करोड़ का राजस्व परिचालन किया है। चालू वित्त वर्ष के लिए शुद्ध लाभ मुख्य रूप से उच्च रिफाइनिंग मार्जिन और वर्तमान अवधि के दौरान उच्च इन्वेंट्री लाभ के कारण पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 21836 करोड़ की तुलना में 24184 करोड़ रहा है।

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पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 163733 करोड़ की तुलना में 2021-22 में परिचालन से राजस्व 206461 करोड़ है। वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही के लिए शुद्ध लाभ 6022 करोड़ है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही में 8781 करोड़ था, जिसका मुख्य कारण कम पेट्रोकेमिकल मार्जिन और चालू तिमाही के दौरान हुए विनिमय घाटा है।

निदेशक मंडल ने प्रत्येक धारित दस रुपया के प्रत्येक दो इक्विटी शेयरों के लिए दस रुपया के एक इक्विटी शेयर के अनुपात में बोनस इक्विटी शेयर जारी करने की सिफारिश की है। बोनस शेयर, अनुमोदन पर, अंतिम लाभांश के लिए भी पात्र होंगे। निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 3.60 रुपया प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश की भी सिफारिश की, जिसका अंकित मूल्य दस रुपया (पूर्व-बोनस) है, जो दस रुपया (पोस्ट-बोनस) अंकित मूल्य वाले 2.40 रुपया प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश में तब्दील हो जाता है। यह कंपनी के सदस्यों द्वारा अनुमोदन के अधीन तथा कंपनी द्वारा वर्ष के दौरान भुगतान किए गए नौ रुपया प्रति इक्विटी शेयर (पूर्व-बोनस) के अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त है।

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