लखनऊ। योगी सरकार प्रदेश के बुजुर्गों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। सरकार द्वारा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जिलों में वृद्धाश्रम (Old Age Homes) संचालित किए जा रहे हैं, जहां बेघर, निराश्रित और असहाय बुजुर्गों को आश्रय, भोजन, चिकित्सा और देखभाल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। इस व्यवस्था से वर्तमान समय में 6055 बुजुर्गों को सुरक्षा और सहारा मिल रहा है।
नाश्ते से लेकर भोजन तक पौष्टिक खानपान-
प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल आश्रय देना नहीं, बल्कि बुजुर्गों को सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। वृद्धाश्रमों (Old Age Homes) में रहने वाले बुजुर्गों के लिए सुबह नाश्ते से लेकर दोपहर और रात के भोजन तक पौष्टिक खानपान की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही साफ-सुथरे वस्त्र, स्वच्छ बिस्तर और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। वहीं वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की चिकित्सा सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाएं, डॉक्टरों की परामर्श सेवा और आपातकालीन स्थिति में तत्काल उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इससे उन बुजुर्गों को राहत मिली है, जो आर्थिक तंगी या पारिवारिक उपेक्षा के कारण इलाज नहीं करा पाते थे।
सभी जिलों में संचालित हैं वृद्धाश्रम-
योगी सरकार में यूपी के सभी 75 जिलों में 150 क्षमता वाले वृद्धाश्रम (Old Age Homes) संचालित हैं जहां नाश्ते में चाय, हलवा, चना, नमकीन दलिया, नमकीन पूड़ी, पोहा और मीठी दलिया दी जाती है। वहीं दिन के खाने में अरहर दाल, राजमा, मिक्स वेज, मौसमी सब्जी, कढ़ी, रोटी, सब्जी, चावल और सलाद निर्धारित दिनों के अनुसार दिया जाता है। इसी तरह रात्रि के भोजन में रसेदार सब्जी, तहड़ी, खिचड़ी, पूड़ी, रोटी, चावल और खीर दी जाती है।
योगी सरकार में बुजुर्गों को मिला नया जीवन-
योगी सरकार की इस बेहतर व्यवस्था से कई ऐसे बुजुर्गों को नया जीवन मिला है, जो पहले सड़कों, रेलवे स्टेशनों या सार्वजनिक स्थानों पर बेसहारा जीवन जीने को मजबूर थे। उन्हें सुरक्षित छत, समय पर भोजन और देखभाल मिल रही है। कई वृद्धाश्रमों में मनोरंजन, योग, भजन-कीर्तन और सामूहिक संवाद जैसी गतिविधियां भी कराई जाती हैं, जिससे बुजुर्ग मानसिक रूप से प्रसन्न और सक्रिय बने रहें।
1 हजार रुपए वृद्धापेंशन दे रही सरकार-
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वृद्धाश्रमों (Old Age Homes) की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर निरीक्षण, समीक्षा और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। जहां जरूरत है, वहां अतिरिक्त सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा प्रतिमाह बुजुर्गों को 1 हजार रुपए वृद्धापेंशन और आयुष्मान कार्ड के जरिए 5 लाख तक निशुल्क इलाज दिलवाने का काम भी विभाग के द्वारा किया जा रहा है।
सबसे ज्यादा संख्या बरेली में-
लखनऊ में 128, मैनपुरी में 116, प्रयागराज में 120, हमीरपुर में 107, मुरादाबाद में 127, बरेली में 134, गोरखपुर में 107, कानपुर देहात में 116, जालौन में 114, गौतमबुद्ध नगर में 104 बुजुर्ग रह रहे हैं।
