सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने बढ़ाया दो फीसदी महंगाई भत्ता

सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने बढ़ाया दो फीसदी महंगाई भत्ता

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए उनके महंगाई भत्ते (Dearness Allowances) और महंगाई राहत (DR) में दो फीसदी की बढ़ोतरी करने का ऐतिहासिक एलान किया है। इस संबंध में शासन द्वारा आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। सबसे खास बात यह है कि यह बढ़ा हुआ भत्ता कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से देय होगा, यानी कर्मचारियों को पिछले महीनों का एरियर भी दिया जाएगा।
इस फैसले से उत्तर प्रदेश के लगभग 16 लाख नियमित कर्मचारियों और 12 लाख पेंशनर्स को सीधा फायदा पहुंचेगा। जारी किए गए सरकारी आदेश के अनुसार, कर्मचारियों को 1 जनवरी से लेकर 30 अप्रैल तक की अवधि का बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (एरियर के रूप में) उनके भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा किया जाएगा। वहीं, वर्तमान महीने यानी मई का बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता उनके मूल वेतन (सैलरी) में जोड़कर जून के महीने में नकद भुगतान किया जाएगा। सरकार के इस कदम से जून की शुरुआत में कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
इस तरह की वृद्धि राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्ष भी की गई थी, जब दिवाली के पावन अवसर पर सातवें वेतनमान के कर्मचारियों का डीए बढ़ाने के बाद पांचवें और छठवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले राज्यकर्मियों को भी बढ़ी हुई दर से महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी हुआ था। उस दौरान बढ़े हुए डीए का भुगतान अक्टूबर महीने के वेतन के साथ किया गया था, जिसमें पांचवें वेतनमान वाले कर्मचारियों के डीए में आठ प्रतिशत और छठवें वेतनमान वाले कार्मिकों के डीए में पांच प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
इस वर्ष की गई दो फीसदी की ताज़ा बढ़ोतरी का लाभ राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों व स्टाफ, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित और पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित (वर्क चार्ज्ड) कर्मचारियों तथा यूजीसी (UGC) वेतनमानों में कार्यरत सभी पदधारकों को समान रूप से दिया जाएगा। वैश्विक और आंतरिक आर्थिक परिस्थितियों के बीच लिए गए इस लोक-कल्याणकारी फैसले से राज्यकर्मियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें महंगाई से राहत देने में बड़ी मदद मिलेगी।