सिद्धार्थनगर को बाल श्रम मुक्त जिला बनाने को लेकर अयोजित हुई कार्यशाला

सिद्धार्थनगर को बाल श्रम मुक्त जिला बनाने को लेकर अयोजित हुई कार्यशाला

सिद्धार्थनगर। बाल श्रम मुक्त सिद्धार्थनगर बनाने के लिए व्यापार संगठनों, ईंट भट्ठा एसोसिएशन , विभिन्न रेस्टोरेंट मालिकों, विभिन्न व्यापारियों का सहयोग बहुत जरूरी है। इन सभी उपक्रमों को न सिर्फ़ बाल श्रम मुक्त सिद्धार्थनगर बनाने का प्रण लेना होगा बल्कि अपने एसोसिएशन के अंतर्गत आने वाले सभी प्रतिष्ठानों में यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बच्चा काम ना करें। साथ ही बाल एवं किशोर प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 के अंतर्गत जिन अधिकारियों को बाल श्रम रोकने के लिए निर्गत किया गया है, उनको अपने क्षेत्रों में बाल श्रम मुक्ति के लिए अभियान चलाना होगा। उक्त बातें जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के निर्देशन में श्रम विभाग, ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट एवं मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वासन पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्रमायुक्त कार्यालय श्रम संसाधन केंद्र राज्य समन्वयक सैयद रिजवान अली ने कही। उन्होंने कहा कि कार्यशाला से निकली कार्ययोजना को अमली जामा पहनाने के लिए विभिन्न विभागों को साथ में आना होगा। उन्होंने बाल श्रम कानून के साथ साथ विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए सहायक श्रम आयुक्त सचिन कुमार सिंह ने कहा कि बाल श्रम समाजिक बुराई होने के साथ साथ कानून अपराध भी है और इसे समाप्त करने के लिए प्रशासन, समाज और समाज सेवी संगठनों को मिलकर ठोस प्रयास करने होंगे। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए ब्रिटिश ऐशियन ट्रस्ट के स्टेट लीड उमेश कुमार गुप्ता ने कहा कि शाशन के मंशा के अनुरूप सिद्धार्थनगर को तय समय सीमा के अंदर बाल श्रम मुक्त बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिये नियमित निरीक्षण जागरूकता अभियान, बचाव एवं पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के निदेशक भानुजा शरण लाल ने बाल श्रम उन्मूलन को लेकर किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ रवि कांत शुक्ला ने कहा कि सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कार्य करना होगा, जिससे बच्चो को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ते हुए परिवार को जन कल्याण कारी योजनाओं से जोड़ना होगा। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मदद फाउंडेशन के फाउंडर राजेश मणि कहा स्वयंसेवी ने जमीनी स्तर पर आ रह चुनौतियों को साझा किया तथा सुझाव दिया कि ग्रामीण क्षेत्रो में जागरूकता अभियान और स्कूल से जोड़ने की प्रक्रिया को और सशक्त किया जाय।
कार्यशाला का संचालन मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के डिस्ट्रिक्ट लीड प्रसून शुक्ला ने किया। कार्यशाला के दौरान यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट और श्रम विभाग के बीच पाँच आकांक्षी जनपदों को 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए एक लिखित सहमति हुई है। इसी क्रम में ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट की सहयोगी संस्था मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान सिद्धार्थनगर में श्रम विभाग के साथ कार्य रही है। कार्यशाला के दौरान बच्चों की स्कूलों में उपस्थिति और नियमितता बनाने में शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा ग्राम स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति एवं ब्लॉक स्तरीय ग्राम एवं बाल कल्याण समिति को मजबूत कर बाल श्रम रोकने के लिए कार्य करना होगा। कार्यशाला में स्टेट कंसल्टेंट मोहम्मद फैसल, सीडब्ल्यूसी सदस्य प्रकाशिनि श्रीवास्तव, श्रम परवर्तन अधिकारी उज्ज्वल त्रिपाठी, चाईल्ड लाइन समन्वयक सुनीक त्रिपाठी, सहायक निदेशक राजकुमार कुशवाहा, असिस्टेंट सहायक आनन्द श्रीवास्तव, शैलेन्द्र वर्मा, सशस्त्र सीमा बल के निरीक्षक राजेश कुमार मीणा, वरिष्ठ सहायक जीडी तिवारी, आनन्द, ग्राम प्रधान ब्लाक अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, प्रधान भवानी शंकर शुक्ला, सभासद सन्दीप मोदनवाल, ग्राम प्रधान कैलाशी देवी, व्यापार संगठन अध्यक्ष राजकमल जायसवाल, आईटीआई प्रिंसिपल सत्येंद्र दूबे, जिला स्काऊट मास्टर महेश कुमार, ईंट भट्ठा महामंत्री रामदास रस्तोगी, एमआईएस रोहित रंजन दूबे, डीसी जयप्रकाश, सन्दीप, अरुण, समाजसेवी राणा प्रताप सिंह, प्रिंसिपल पवन जायसवाल, रोजा से अर्पित जायसवाल, हरिकेश दूबे, ज्योति सिंह, काजल श्रीवास्तव, रूपा उमर वैश्य, श्रद्धा दूबे, एसोसिएशन फार वॉलंटरी ऐक्शन से अभिनव द्विवेदी, पीरामल से योगेंद्र मोहन, अमन शर्मा, रामशंकर, विजय यादव, हेमंत गुप्ता, मनीष यादव, हृदय सिंह सहित पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
सिद्धार्थनगर। बाल श्रम मुक्त अभियान जागरूकता रथ का पूर्व माध्यमिक विद्यालय बूड़ा की छात्रा ब्रॉन्ज मेडल विजेता सावित्री पासवान एवं उनकी टीम का हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सहायक श्रम आयुक्त सचिन कुमार सिंह ने बताया कि प्रचार वाहन पूरे जनपद चलाकर समुदाय को जागरूक करेगा।