आज पूर्णिमा की रात आसमान में दिखेगा ‘वुल्फ मून’, जानें कैसे और किस समय देखें?

आज पूर्णिमा की रात आसमान में दिखेगा ‘वुल्फ मून’, जानें कैसे और किस समय देखें?

साल की हर पूर्णिमा बहुत विशेष मानी जाती है। सब का अपना महत्व है। माना जाता है कि पूर्णिमा के दिन चंद्रमा 16 कलाओं से संपन्न होता है। पूर्णिमा पर आसमान में अद्भुत नजारा दिखता है। चंद्रमा की पूरी रौशनी होती है। पंचांग के मुताबिक, आज पौष माह की पूर्णिमा है। साल 2026 की भी ये पहली पूर्णिमा है। खगोलविदों के अनुसार, पौष पूर्णिमा को ‘वुल्फ मून’ (Wolf Moon) के नाम से जाना जाता है।
इसके पीछे एक मुख्य वजह है, जिसके बारे में हम आपको बताएंगे। ऐसे में आइए ‘वुल्फ मून’ (Wolf Moon) से संबंधित रोचक बातों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
पौष पूर्णिमा के चांद को वुल्फ मून (Wolf Moon) क्यों कहते हैं?
बताया जाता है कि प्राचीन समय में ये जो जनवरी का माह होता था, इसमें बहुत अधिक ठंड पड़ती थी। जनवरी के इस माह में प्राचीन समय में लोगों का ज्यादातर समय घरों में ही बीतता था। ऐसे में भेड़ियों के झुंड की आवाज साफ-साफ सुनाई देती थी। कहा जाता है कि यही कारण है कि जनवरी माह में पड़ने वाली पौष पूर्णिमा को भेड़ियों यानी वुल्फ का नाम दे दिया गया।
चन्द्रोदय और चन्द्रास्त का समय
चन्द्रोदय- शाम 5 बजकर 49 मिनट पर (3 जनवरी 2026)
चन्द्रास्त- सुबह 8 बजे (4 जनवरी 2026)
किस समय दिखेगा ‘वुल्फ मून’ (Wolf Moon) ?
भारतीय समय के अनुसार, आज रात 10 बजकर 45 मिनट के आसपास पृथ्वी सूर्य के सबसे पास के बिंदु पर होगी। इस कारण आज चंद्रमा यानी ‘वुल्फ मून’ (Wolf Moon) रोजाना से बड़ा और चमकदार दिखाई देगा। इस समय पृथ्वी और सूरज के बीच 14 करोड़ 70 लाख 99 हजार 894 किलोमीटर की दूरी होगी। पौष पूर्णिमा के दिन ‘वुल्फ मून’ को नग्न आखों से साफ तौर पर देखा जा सकता है।
हालांकि इस समय अच्छी-खासी सर्दी पड़ रही है और बड़े शहरों में प्रदुषण भी ज्यादा है। ऐसे में चंद्रमा को बादल और प्रदुषण ढक सकते हैं। अगर ऐसी स्थिति बनती है, तो दूरबीन या किसी खगोलीय उपकरण की सहायता से आज का ये वुल्फ मून (Wolf Moon) देखा जा सकता है।