नई गाड़ी खरीदने का प्लान है तो पहले आपको इस बात की सही जानकारी होनी चाहिए कि क्यों Diesel Cars माइलेज के मामले में Petrol Cars से बेहतर होती है? क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों है? कम माइलेज से न सिर्फ बजट बिगड़ता है बल्कि जेब पर बोझ भी पड़ने लगता है, चलिए आज आपको समझाते हैं कि क्यों डीजल गाड़ी माइलेज के लिहाज से पेट्रोल गाड़ी से बेहतर है?
हाईवे और लॉन्ग ड्राइव के दौरान डीजल गाड़ी अक्सर पेट्रोल कार से बेहतर माइलेज देने के लिए जानी जाती है. ये अंतर मुख्य रूप से डीजल इंजन के काम करने के तरीके और डीजल फ्यूल के नेचर की वजह से होता है.
पहला कारण
डीजल कार (Diesel Cars) के बेहतर माइलेज देने का मुख्य कारण डीजल फ्यूल में ज्यादा एनर्जी होना है. डीजल में पेट्रोल के मुकाबले प्रति लीटर ज्यादा एनर्जी होती है, इसका मतलब है कि डीजल इंजन सेम फ्यूल में पेट्रोल कार से ज्यादा दूरी तय कर सकता है, जिससे सीधे तौर पर फ्यूल एफिशिएंसी बेहतर होती है और बढ़िया माइलेज मिलता है.
दूसरा कारण
पेट्रोल इंजन के मुकाबले डीजल (Diesel) इंजन बहुत ज्यादा कम्प्रेशन रेशियो पर काम करते हैं. पेट्रोल इंजन आमतौर पर लगभग 8:1 से 12:1 कम्प्रेशन रेशियो का इस्तेमाल करता है जबकि डीजल इंजन 20:1 या उससे ज्यादा तक जा सकता है. ज्यादा कम्प्रेशन से क्या होता है, अब आप भी यही सोच रहे होंगे? बता दें कि हाई कम्प्रेशन से फ्यूल पूरी तरह और अच्छे से जलता है, जिससे फ्यूल की हर बूंद से ज्यादा पावर मिलती है.
तीसरा कारण
पेट्रोल इंजन की तरह डीजल इंजन में सिर्फ स्पार्क प्लग का इस्तेमाल नहीं होता है. डीजल इंजन वाली कार में हवा को तब तक कम्प्रेस किया जाता है जब तक डीजल फ्यूल अपने आप जलाने के लिए काफी गर्म न हो जाए. इस प्रोसेस को कम्प्रेशन इग्निशन कहते हैं, जिससे फ्यूल ज्यादा कंट्रोल और अच्छे से बर्न होता है और फ्यूल की बर्बादी भी कम होती है.
ध्यान दें: आसान शब्दों में कहें तो, डीजल कारें (Diesel Cars) बेहतर माइलेज देती हैं क्योंकि डीजल फ्यूल में ज्यादा एनर्जी होती है, यह ज्यादा अच्छे से जलता है और कम इंजन स्पीड पर सबसे अच्छा काम करता है.
Diesel कार क्यों होती है ज्यादा माइलेज वाली? जानें 3 अहम कारण
