अमेरिका ने भारतीय नौसेना के मेहमान ईरानी युद्धपोत पर किया हमला, 87 नाविकों की मौत

अमेरिका ने भारतीय नौसेना के मेहमान ईरानी युद्धपोत पर किया हमला, 87 नाविकों की मौत

हिंद महासागर में घटी इस चौंकाने वाली घटना ने वैश्विक राजनीति और सुरक्षा को एक बेहद गंभीर मोड़ पर ला खड़ा किया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह तनाव अब सीधे सैन्य टकराव में बदल चुका है।
अमेरिका की एक पनडुब्बी ने बिना किसी चेतावनी के ईरान के जंगी जहाज ‘आईआरएस देना’ (IRS Dena) पर टॉरपीडो से हमला कर दिया। हमला इतना जबरदस्त था कि यह जहाज समंदर में डूब गया। इस हादसे में ईरान के कम से कम 87 नाविकों की जान चली गई है। यह खबर इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि यह जहाज (IRS Dena) अभी कुछ ही दिन पहले भारत के विशाखापत्तनम में एक बड़े नौसैनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर लौट रहा था और भारतीय नौसेना का मेहमान था।
इस हमले के बाद ईरान बुरी तरह भड़क गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने अमेरिका की इस हरकत की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखकर यह हमला किया है। उन्होंने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है कि इस गलती का पछतावा उन्हें बहुत जल्द और बहुत भारी पड़ेगा।
माना जा रहा है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब अमेरिका ने हिंद महासागर में इस तरह किसी जहाज को डुबोया है। इस घटना से पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है क्योंकि अब अमेरिका और ईरान के बीच सीधे युद्ध का खतरा बढ़ गया है।