कर्तव्य पथ पर नहीं दिखेगी बिहार की झांकी, पहली बार इस को एंट्री

कर्तव्य पथ पर नहीं दिखेगी बिहार की झांकी, पहली बार इस को एंट्री

दिल्ली के कर्तव्य पथ पर जब 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) की परेड शुरू होगी, तो दर्शकों की निगाहें ‘बिहार’ की झांकी तलाशेंगी, लेकिन इस बार वो दिखेगी ही नहीं। 2025 में ‘नालंदा’ की भव्य विरासत के साथ शानदार वापसी करने वाला बिहार, इस बार रक्षा मंत्रालय की नई ‘रोटेशन पॉलिसी’ की भेंट चढ़ गया है। यही नहीं, दिल्ली की झांकी भी इस बार नहीं दिखाई देगी। दरअसल, दिल्ली सरकार ने झांकी (Tableau) के लिए रक्षा मंत्रालय को कोई प्रस्ताव नहीं भेजा।
वहीं, इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब कर्तव्य पथ पर इस बार भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की भव्यता देखने को मिलेगी। यानि इस बार सिनेमा की झांकी (Tableau) भी दिखाई देगी। इस ऐतिहासिक मौके पर हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली सिनेमा जगत का प्रतिनिधित्व करेंगे। ऑस्कर विजेता म्यूजिशियन एमएम कीरावनी वंदे मातरम की नई धुन पेश करेंगे।
बिहार की बात करें तो सालों के लंबे इंतजार के बाद पिछले साल (2025) बिहार ने कर्तव्य पथ पर धमाकेदार एंट्री की थी। तब नालंदा विश्वविद्यालय और बुद्ध की भूमि को देखकर लगा था कि अब यह सिलसिला बरकरार रहेगा। लेकिन, जैसे किसी फिल्म में अचानक इंटरवल आ जाए, वैसे ही रोटेशन नीति ने इस साल बिहार को ‘वेटिंग लिस्ट’ में डाल दिया है।
दिल्ली का नया ‘कैलेंडर’ और रोटेशन का पेच
राज्यों के बीच झांकियों को लेकर होने वाले विवाद को खत्म करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने एक नया नियम लागू किया है। इसके तहत हर राज्य को 3 साल के भीतर कम से कम एक बार मौका दिया जाएगा। सूचना विभाग के अनुसार, चूंकि बिहार को पिछले साल मौका मिल चुका था, इसलिए इस बार रोटेशन की वजह से उसे बाहर रखा गया है। इस बार कुल 30 झांकियां दिखेंगी, जिनका विषय आत्मनिर्भर भारत और वंदे मातरम् के 150 साल रखा गया है।
कौन सी झांकियां (Tableaus) होंगी इस बार शामिल
जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां इस वर्ष कर्तव्य पथ पर नजर आएंगी, उनमें असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पंजाब शामिल हैं।
इसके अलावा वायु सेना, नौसेना, सैन्य मामलों का विभाग, संस्कृति मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की झांकियां भी परेड का हिस्सा होंगी।