महंत की गद्दी रिश्तेदारी से मिली… सीएम योगी पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान

महंत की गद्दी रिश्तेदारी से मिली… सीएम योगी पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwarananda) मामले पर सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने बयान पर शंकराचार्य ने पटलवार किया है। उन्होंने कहा कि सीएम को ये साधारण सा तथ्य भी नहीं पता कि मैं 2015 में शंकराचार्य नहीं था। उन्होंने कहा कि ये गोरक्ष पीठाधीश्वर बने हुए हैं। शंकराचार्य ने आरोप लगाते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ को महंत की गद्दी और मुख्यमंत्री का पद दोनों रिश्तेदारी की वजह से मिली।
यूपी का ब्राह्मण टारगेट पर: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwarananda) 
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को शंकराचार्य कहने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी हो उसको सीएम योगी बार-बार शंकराचार्य कहते हैं, बीजेपी के लोग जी हुजूरी करने वाले को शंकराचार्य के रूप में देखना चाहते हैं। इस सरकार में यूपी का ब्राह्मण टारगेट पर है।
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwarananda) ने सीएम योगी के सवालों का जवाब दिया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि बाकी तीनों पीठ के शंकराचार्यों ने मुझे ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य के रूप में मान्यता दी और पट्टाभिषेक करवाया। अब किसी और के मान्यता देने या ना देने का कोई सवाल ही नहीं है।
वह कानून का पालन करना जानते हैं और पालन कराना भी: मुख्यमंत्री योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले महीने प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान स्नान के लिए जाते समय ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस की तरफ से रोके जाने से जुड़े विवाद पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए शुक्रवार को कहा कि कोई भी शख्स कानून से ऊपर नहीं है।
उन्होंने इस मामले पर समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि इस घटना ने साल 2015 में सपा के शासनकाल में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर वाराणसी में हुए लाठीचार्ज व मुकदमे की याद दिलायी और कहा कि कानून की नजर में सब बराबर हैं। योगी ने कहा कि वह कानून का पालन करना जानते हैं और पालन कराना भी जानते हैं।