जनगणना-2027 (Census-2027) के सफल एवं प्रभावी संचालन को लेकर बुद्धवार को पंचायती राज निदेशालय, लखनऊ में जनपदों से आये हुए जिला पंचायती राज अधिकारियों के 01 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान (प्रिट) में किया गया है। प्रशिक्षण सत्र का उद्घाटन करते हुए राजेश त्यागी, विशेष सचिव, पंचायती राज ने कहा कि जनगणना के आकडे़ विकास की नींव होते है और ग्राम पंचायतों के विकास का आधार बनते है। आगामी जनगणना 2027 (Census-2027) देश की पहली जनगणना है जोकि आकड़ों को जल्दी प्रदान करेगी जिससे विकास की योजनाओं को गति प्रदान होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जनगणना निदेशक श्रीमती शीतल वर्मा ने कहा कि जनगणना-2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें आंकड़ों के संकलन के लिए मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया का प्रबंधन और निगरानी एक केंद्रीय पोर्टल सीएमएमएस के माध्यम से की जाएगी। जनगणना-2027 (Census-2027) दो चरणों में आयोजित की जाएगी।
पहला चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा, जो 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा। जनगणना (Census-2027) मे पहली बार स्व गणना का प्रावधान किया गया है जो कि 7 मई से 21 मई 2026 के दौरान की जा सकेगी। दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो 9 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा।
प्रशिक्षण सत्र में डॉ गौरव पाण्डेय, उपनिदेशक ने जनगणना के सम्बन्ध में प्रशिक्षण प्रदान किया एवं जिला पंचायती राज अधिकारियों को उनके दायित्वो से अवगत कराया। धन्यवाद ज्ञापन ए के राय संयुक्त निदेशक ने किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मनीष चैधरी, उपमहारजिस्ट्रार, जयदीप त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक, ए0के0 राय, संयुक्त निदेशक, पंचायती राज, निदेशालय, आशीष तिवारी, फैकल्टी, पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान (प्रिट) एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
