अवैध दुकान गिराने पहुंचा बुलडोजर, सदमे में दुकानदार की हार्ट अटैक से मौत

अवैध दुकान गिराने पहुंचा बुलडोजर, सदमे में दुकानदार की हार्ट अटैक से मौत

जबलपुर में बुलडोजर कार्रवाई (Bulldozer Action) के दौरान हार्ट अटैक आने से एक दुकानदार की मौत हो गई। बताया जाता है कि बुलडोजर कार्रवाई के बीच में दुकान संचालक मिंटू अग्रवाल को दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। कई घंटों तक चले प्रदर्शन के बाद रात में युवक का पोस्टमार्टम कराया गया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। घटना बरगी थाना क्षेत्र की है।
जबलपुर जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर बरगी थाना क्षेत्र के कस्बे में पटेल तिराहे पर प्रशासनिक तहसील कार्यालय और पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। मौके पर तीन जेसीबी मशीनें लगाई गई थीं और करीब 40 साल पुरानी दुकानों को हटाने की प्रक्रिया जारी थी। इसी दौरान मिंटू अग्रवाल अपनी दुकान से सामान हटवा रहे थे। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान बार-बार समय को लेकर घोषणा की जा रही थी और दुकानदार के द्वारा 10 मिनिट का समय मांगा जा रहा था। इसी बीच उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक मिंटू अग्रवाल की उम्र लगभग 38 से 40 वर्ष बताई जा रही है और वह बरगी क्षेत्र के निगरी गांव का निवासी था। अपने भाई के साथ मिलकर कपड़े का व्यवसाय करता था। जानकारी के अनुसार, उक्त स्थान पर उनकी दुकान करीब 12 वर्षों से संचालित थी, जो राजा पटेल से किराए से लिए हुए। इस पूरे मामले में दुकान मालिक के द्वारा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का स्टे आर्डर दिखाने का प्रयास किया गया था, लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्टे ऑर्डर देखने से इंकार कर दिया।
वहीं मौत की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हजारों की संख्या में व्यापारी और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। आक्रोशित लोगों ने बरगी थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया और कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया गया। हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों व व्यापारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।