लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से संचालित वन स्टॉप सेंटर योजना (One Stop Center) को प्रदेश में महिला कल्याण निदेशालय के माध्यम से प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इस योजना के जरिए हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर लगभग सभी तरह की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें भटकना न पड़े और समय पर न्याय मिल सके।
एक छत के नीचे पीड़िताओं को मिल रही 5 तरह की सहायता
दरअसल यह योजना साल 2017 से प्रदेश में संचालित है। इसके अंतर्गत इस समय 75 जिलों में 122 वन स्टॉप सेंटर (One Stop Center) संचालित हैं। इनमें महिलाओं को लगातार सहायता प्रदान की जा रही है। इन केंद्रों पर आने वाली हिंसा से पीड़ित महिलाओं को पांच प्रकार की सेवाएं जैसे चिकित्सीय सहायता, कानूनी मदद, पुलिस सहयोग, अस्थाई आवास और परामर्श एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाती हैं।
खास बात यह है कि पुलिस सहायता के तहत एसओ स्तर के अधिकारियों से सीधा समन्वय स्थापित किया जाता है, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाती है। इसके साथ ही पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के इम्पैनल्ड अधिवक्ताओं के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है।
181 हेल्पलाइन से जुड़ा सिस्टम, शिकायत पर तुरंत कार्रवाई
महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 181 महिला हेल्पलाइन भी अहम भूमिका निभा रही है। इस हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को तुरंत संबंधित वन स्टॉप सेंटर को ट्रांसफर कर दिया जाता है। हर सेंटर के डैशबोर्ड पर तैनात महिला कर्मचारी पीड़िता से संपर्क कर उसकी समस्या सुनती है और आवश्यक मदद सुनिश्चित करती है।
सभी वन स्टॉप सेंटर (One Stop Center) प्रतिदिन 24 घंटे हो रहे संचालित
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 4, लखीमपुर खीरी में 3, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर समेत अन्य बड़े जिलों में एक से अधिक वन स्टॉप सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं तक सेवाएं पहुंचाई जा सकें। सभी सेंटर 24 घंटे सक्रिय रहते हैं और तीन शिफ्ट में महिला कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी समय सहायता उपलब्ध हो सके। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें आपात स्थिति में तुरंत मदद की जरूरत होती है।
महिलाओं को मिल रहा त्वरित न्याय
शुरुआती दौर में यह योजना केवल कुछ जिलों तक सीमित थी, लेकिन योगी सरकार के प्रयासों से इसका तेजी से विस्तार किया गया। 2020 तक प्रदेश के लगभग सभी 75 जिलों में वन स्टॉप सेंटर स्थापित कर दिए गए। इसके बाद महिला कल्याण निदेशालय द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए गए, जिससे ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इन सेवाओं की जानकारी मिल सकी। परिणामस्वरूप अब अधिक महिलाएं आगे आकर अपनी शिकायतें दर्ज करा रहीं हैं और उन्हें समय पर सहायता मिल रही है।
जागरूकता बढ़ने से मदद का सिलसिला तेज हुआ
महिला कल्याण निदेशालय के प्रयासों से वन स्टॉप सेंटर (One Stop Center) आज प्रदेश की महिलाओं के लिए भरोसे का केंद्र बन चुका हैं। महिला कल्याण निदेशालय की डायरेक्टर डॉ. वंदना वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण को नई दिशा मिली है। वन स्टॉप सेंटर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर त्वरित और समग्र सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि हर महिला को न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले। लगातार बढ़ती जागरूकता और मजबूत व्यवस्था के कारण अब अधिक महिलाएं आगे आकर मदद ले रहीं हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
