गौतमबुद्धनगर। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने शनिवार को गौतमबुद्धनगर में रेफी एम फाइबर प्रा. लि. द्वारा निर्मित देश की सबसे बड़ी एयरो इंजन टेस्ट बेड का लोकार्पण कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। इस मौके पर उन्होंने संस्थान के संस्थापकों विशाल मिश्र और विवेक मिश्रा की उपलब्धि को भारत की नई तकनीकी क्रांति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 6–6.5 वर्षों से रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद उन्होंने इतनी कम उम्र के युवाओं को इतना बड़ा और इनोवेटिव एस्टेब्लिशमेंट खड़ा करते नहीं देखा। उन्होंने कहा कि आज युवा केवल एक कंपनी नहीं बना रहे, बल्कि रक्षा क्षेत्र में एक नई सोच और दिशा गढ़ रहे हैं। अब जब भारतीय ड्रोन उड़ेंगे तो उन्हें न अमेरिका और न चीन, कोई डिटेक्ट नहीं कर पाएगा—यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।
ड्रोन टेक्नोलॉजी का महत्व
राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि बदलती युद्ध रणनीतियों में ड्रोन का प्रयोग अनिवार्य हो गया है। रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ड्रोन रक्षा नीति का अहम हिस्सा हैं और भारत अब इन्हें खुद डिजाइन और निर्माण कर रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने पोखरण परमाणु परीक्षण से लेकर आज तक कभी भी दबावों के आगे हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता ही भारत की रक्षा और स्वाभिमान का आधार है। रेफी एम फाइबर जैसे स्टार्टअप इसका प्रमाण हैं कि हमारा नारा अब जमीन पर परिणाम दिखा रहा है।
भारत को तकनीक और नवाचार में आगे रहना होगा
भौतिकी के शिक्षक रहे रक्षा मंत्री (Rajnath Singh) ने युवाओं की उपलब्धियों को “वैज्ञानिक क्रांति” बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में टेक्नोलॉजी हैव और टेक्नोलॉजी हैव नॉट देशों के बीच खाई बढ़ रही है और भारत को तकनीक और नवाचार में आगे रहना होगा। उन्होंने रेफी एम फाइबर की प्रशंसा करते हुए खेल की 2017 में 10 लोगों के साथ शुरू हुआ यह स्टार्टअप आज 600 से अधिक वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ काम कर रहा है। उत्तर प्रदेश में कंपनी के प्रयासों से 5000 से ज्यादा रोजगार सृजित होंगे। डीआरडीओ के सहयोग से कंपनी द्वारा 14 महीने में बनाये गए तीन प्रोडक्ट्स को ऑपरेशन सिंदूर में शामिल किया गया। रक्षा मंत्री ने प्लांट विजिट के दौरान इंजन टेस्ट बेड, मेटल एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी, एडवांस कंपोजिट पॉलिमर मैन्युफैक्चरिंग सेंटर, पे लोड ड्रोन और गाइडेड मिसाइल ड्रोन को “स्टेट ऑफ द आर्ट” करार दिया।
योगी सरकार की तारीफ
उन्होंने (Rajnath Singh) कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में इंडस्ट्री लगाना मुश्किल था, लेकिन आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और लॉ एंड ऑर्डर में उदाहरण बन गया है। उन्होंने कहा कि आज यहां इन्वेस्टर समिट में जितना उत्साह देखा, वैसा किसी और राज्य में देखने को नहीं मिलता। राजनाथ सिंह ने कहा कि स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और हाईटेक सॉल्यूशंस में नोएडा अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में नोएडा और उत्तर प्रदेश, भारत की तकनीकी प्रगति में मजबूत भूमिका निभाएंगे।
रक्षा क्षेत्र में स्टार्टअप्स को मिल रहा अवसर
राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने बताया कि केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में स्टार्टअप और इनोवेटर्स को अवसर देने के लिए टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड, नेशनल रिसर्च फाउंडेशन, IDEX अदिति जैसी योजनाएं शुरू की हैं। बड़ी कंपनियों के साथ-साथ स्टार्टअप को भी रक्षा क्षेत्र में प्रोत्साहित किया जा रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का यह अवसर केवल एक कंपनी की उपलब्धि नहीं, बल्कि नए भारत की पहचान है। आने वाले वर्षों में यही स्टार्टअप भारत की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई देंगे। भारत न केवल आत्मनिर्भर होगा बल्कि तकनीक, रक्षा सामर्थ्य और नवाचार में विश्व का अग्रणी बनेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह, सेक्रेटरी डिफेंस प्रोडक्शन संजीव कुमार, सांसद सुरेंद्र नागर, महेश शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
ऑपरेश सिंदूर में हमारी सेनाओं ने 22 मिनट में दुश्मन का काम किया तमाम: राजनाथ (Rajnath)
रक्षा मंत्री (Rajnath Singh) ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि के जब संकल्प, साहस और विज्ञान तीनों एक साथ मिलते हैं तो असंभव भी संभव हो जाता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के वक्त हमारी सेनाओं ने 22 मिनट के अंदर दुश्मन का काम तमाम कर दिया। हमारी सेना ने आतंकवादियों और उनके सरपरस्तों को आईना दिखा दिया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी। ऑपरेशन सिंदूर अगर एक तरफ हमारी सेना के जवानों की वीरता की कहानी है तो दूसरी तरफ आत्मनिर्भर भारत हमारे वैज्ञानिकों और युवाओं के इनोवेशन की कहानी है। मुझे गर्व है कि हमारे सशस्त्र बलों ने बड़ी तेजी से हमारे युवाओं और इंडस्ट्रीज द्वारा बनाए गए यह सारे इंस्ट्रूमेंट को अडॉप्ट किया है।