समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार का सशक्त कदम, अल्पसंख्यक समुदाय के 2.39 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिली छात्रवृत्ति

समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार का सशक्त कदम, अल्पसंख्यक समुदाय के 2.39 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिली छात्रवृत्ति

लखनऊ। योगी सरकार ने समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने के अपने संकल्प को मजबूती प्रदान की है। इस दिशा में योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति (Scholarships) एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत 2.39 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया है। इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष अब तक लगभग 71.35 करोड़ रुपये की धनराशि का वितरण किया जा चुका है। योगी सरकार की ये योजना प्रदेश के सिख, जैन, बौद्ध और मुस्लिम जैसे अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक संबल प्रदान करती है। साथ ही समाज के सभी वर्गों को विकास का समान अवसर प्रदान कर सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की अवधारणा को साकार कर रही है। 

प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (Scholarships) के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के 1,09,084 छात्र हुए लाभान्वित-

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लगभग 1,09,084 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। योजना के तहत इस मद में लगभग 37.20 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था। इसमें पहले और दूसरे चरण में लगभग 64,312 छात्र-छात्राओं को 19.03 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति (Scholarships) प्रदान की गई। तीसरे चरण में 25 जनवरी 2026 तक लगभग 44,772 विद्यार्थियों को 13.16 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का वितरण किया गया है। इस प्रकार प्री-मैट्रिक स्तर पर अब तक तीन चरणों में लगभग 32.19 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का वितरण किया चुका है। शेष धनराशि से वंचित विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है।

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 1,30,265 छात्रों को मिली छात्रवृत्ति-

राज्य सरकार, योजना के तहत पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के 11वीं और 12वीं के अलावा अन्य तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करती है। इस क्रम में वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 1,30,265 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति (Scholarships) प्रदान की है। इस दिशा में विभाग की ओर से अब तक तीन चरणों में लगभग 39.16 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई है। इसके तहत पहले और दूसरे चरण में लगभग 51,519 विद्यार्थियों को 15.72 करोड़ रुपये की छात्रवृति प्रदान की गई, जबकि तीसरे चरण में 25 जनवरी 2026 तक 78,746 विद्यार्थियों को 23.44 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार मानते हुए प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति (Scholarships) प्रदान करती है ताकि कोई भी छात्र आर्थिक कारणों से पढ़ाई से वंचित न रहे, बल्कि शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर हो प्रदेश के विकास में सकारात्मक योगदान दे सके। प्रदेश सरकार की ये पहल न केवल ड्रॉपआउट दर में कमी लाने में सहायक साबित हुई है, डबल इंजन सरकार की “सबका साथ, सबका विकास” की अवधारणा को भी साकार किया है।