पिथौरागढ़ में भूस्खलन से बंद हुआ NHPC पावर हाउस की टनल का मुहाना, 19 मजदूर फंसे

पिथौरागढ़ में भूस्खलन से बंद हुआ NHPC पावर हाउस की टनल का मुहाना, 19 मजदूर फंसे

पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) – जिले के धारचूला क्षेत्र में भूस्खलन (Landslide) के चलते बड़ा हादसा हो गया। ऐलागाड़ स्थित NHPC पावर हाउस की टनल का मुहाना भारी मलबे और पत्थरों से बंद हो गया।

टनल का मुहाना बंद होने से उसके अंदर काम कर रहे कुल 19 मजदूर फंस गए। राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया और लगातार मलबा हटाने का कार्य जारी है।

अब तक बचाव दल ने आठ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। वहीं 11 मजदूर अभी भी टनल के अंदर फंसे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें बाहर निकालने के प्रयास तेज़ी से किए जा रहे हैं।

भारी मलबा और पत्थर हटाने में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। घटना ने स्थानीय लोगों में चिंता पैदा कर दी है और इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम को ऐलागाड़ में पहाड़ी का एक हिस्सा दरक गया। इससे भारी मात्रा में मलबा और पत्थर NHPC की टनल के मुहाने पर जमा हो गया। टनल के मुहाने पर मलबा जमा होने से उसके अंदर काम कर रहे 19 मजदूर फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने जाने के लिए युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

राहत और बचाव कार्य जारी

डीएम विनोद गोस्वामी ने जानकारी देते हुए कहा कि भूस्खलन (Landslide) होने से टनल का मुहाना बंद हो गया था, जिससे 19 मजदूर उसके अंदर फंस गए थे। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। सुरंग के मुहाने से मलबा हटाने का काम पूरा हो गया है। इमरजेंसी शाफ्ट एरिया से भी मलबा हटाया जा रहा है। अब तक आठ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाकी बचे 11 मजदूर भी सुरक्षित हैं और उनसे लगातार संपर्क बना हुआ है। जिला प्रशासन, बीआरओ, एनएचपीसी, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ सहित अन्य बचाव दल स्थिति से निपटने और टनल के अंदर फंसे 11 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास जारी है।

टनल के अंदर 11 मजदूर फंसे

धारचूला के एडीएम जितेंद्र वर्मा ने कहा कि धौलीगंगा पावर हाउस को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। हादसे में टलन के अंदर मजदूर फंस गए हैं जिन्हें बार निकलाने का प्रयास किया जा रहा है। टनल के मुहाने पर बार- बार मलबा आ जाने से परेशानी हो रही है। पर्याप्त मशीनरी और सीआईएसएफ, एनडीआरफ की टीम तैनात है।