दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा से सटे जंगल-पहाड़ी इलाके में पुलिस और माओवादियों (Naxalite) के बीच हुई मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया है। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में स्वचालित हथियार और नक्सली सामग्री बरामद की गई है।
मारे गए नक्सली की पहचान आत्मसमर्पित नक्सली ने की है। नक्सली एरिया कमेटी मेंबर था जिस पर पांच लाख का ईनाम घोषित था।
पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ बुधवार रात लगभग 8.30 से 9.00 बजे के बीच थाना गीदम क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुमलनार, गिरसापारा और नेलगोड़ा के मध्य जंगल-पहाड़ क्षेत्र में हुई। पुलिस को नक्सली (Naxalite) सामग्री एवं हथियार के जखीरा होने की विश्वसनीय सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा के निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) राहुल कुमार ऊईके के नेतृत्व में डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के जवानों को रवाना किया गया था।
कल दोपहर 12.30 बजे पुलिस बल ने संभावित स्थल की ओर रुख किया और जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सघन जांच एवं घेराबंदी शुरू की थी। रात 8.30 से 9.00 बजे के बीच, पहले से घात लगाए बैठे भैरमगढ़ एरिया कमेटी के आठ से 10 सशस्त्र माओवादियों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। माओवादियों का इरादा पुलिस बल की हत्या कर हथियार लूटने का था। उन्होंने अवैध स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
आत्मरक्षा के लिए जवानों ने संयमित एवं सटीक जवाबी गोलीबारी की। पुलिस की प्रभावी कार्यवाही के आगे माओवादी कमजोर पड़ गए और घने जंगल, पहाड़ी भू-भाग एवं अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए।
मुठभेड़ के बाद तलाश अभियान चलाया गया। मुठभेड़ स्थल की बारीकी से तलाशी लेने पर एक सशस्त्र माओवादी (Naxalite) का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान एक आत्मसमर्पित कैडर के माध्यम से राजेश पुनेम के रूप में की गई है। राजेश पुनेम भैरमगढ़ एरिया कमेटी का सक्रिय सदस्य था और उस पर शासन द्वारा पांच लाख रुपए का इनाम घोषित था। वह मूल रूप से ग्राम बुरजी, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर का निवासी था।
मुठभेड़ स्थल से एक एसएलआर रायफल, एक इंसास रायफल, एक पिस्टल मैगजीन सहित, एक वॉकी-टॉकी सेट, एसएलआर की एक मैगजीन, छह एसएलआर जिंदा राउंड, एक एसएलआर का खाली खोखा, तीन इंसास मैगजीन, पांच इंसास जिंदा राउंड, 18 इंसास मिसफायर राउंड, तीन इंसास के खाली खोखे, पांच पिस्टल के जिंदा राउंड, एक पिस्टल का खाली खोखा और एक पोच बरामद किया गया है।
पुलिस ने शव और बरामद सामग्री को अपनी अभिरक्षा में ले लिया। आईईडी और घात लगाकर हमले के संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए टैक्टिकल मूवमेंट करते हुए समस्त बल सुरक्षित रूप से जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा पहुंच गया। यह अभियान बिना किसी सुरक्षाबल के हताहत हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस ने इसे नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है।
पांच लाख का इनामी नक्सली ढेर, डीआरजी के जवानों ने मिट्टी में मिलाया
