लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने आज लखनऊ स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में ‘खाद्य सुरक्षा’ (Food Security) पर आयोजित इण्टरनेशनल कांफ्रेंस के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कृषि और तकनीक के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और विद्वानों को सम्मानित किया, इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने पुस्तक का विमोचन किया गया साथ ही संस्थान द्वारा एक पेड मॉ के नाम के तहत उपमुख्यमंत्री को तरू प्रदान किया गया एवं वरिष्ठ नागरिकों को भी प्रमाण पत्र दिए गए।
उपमुख्यमंत्री (Keshav Prasad Maurya) ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत आज कृषि, नवाचार (Innovation) और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। भारत की नीतियां आज वैश्विक खाद्य सुरक्षा को दिशा दे रही हैं। उत्तर प्रदेश की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार में हमारे पारंपरिक उत्पादों और कृषि विविधीकरण को नया आयाम मिला है। यूपी के स्थानीय उत्पाद आज वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे हैं।
श्री मौर्य vने एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस कांफ्रेंस की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षित और सुलभ खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक शोध और तकनीक का एकीकरण समय की मांग है।
श्री मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने कहा की प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप, हम उत्तर प्रदेश को कृषि और खाद्य प्रसंस्करण का हब बनाने के लिए संकल्पित हैं। नवाचार और किसानों की मेहनत के संगम से ही ‘विकसित भारत’ का संकल्प सिद्ध होगा। समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न देशों से आए डेलीगेट्स और कृषि वैज्ञानिकों से संवाद किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी से निकले निष्कर्ष न केवल प्रदेश बल्कि वैश्विक खाद्य चुनौतियों के समाधान में मील का पत्थर साबित होंगे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षाविद और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
