कमला हैरिस ने की मादुरो की गिरफ्तारी की निंदा, ट्रंप पर साधा निशाना

कमला हैरिस ने की मादुरो की गिरफ्तारी की निंदा, ट्रंप पर साधा निशाना

अमेरिका के वेनेजुएला पर एक्शन और राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने पर अब देश की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (Kamala Harris) का बयान सामने आया है। कमला हैरिस ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा, वेनेजुएला में डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाइयों से अमेरिका न तो ज्यादा सुरक्षित बनता है, न मजबूत और न ही आम लोगों के लिए सस्ता।
उन्होंने आगे कहा, मादुरो एक क्रूर और अवैध तानाशाह हो सकता है, लेकिन इससे यह सच नहीं बदलता कि यह कार्रवाई न तो कानूनी है और न ही समझदारी भरी। ऐसा हम पहले भी देख चुके हैं। सत्ता बदलने या तेल के नाम पर लड़े गए युद्धों को ताकत दिखाने के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन वो अराजकता में बदल जाते हैं और इसकी कीमत अमेरिकी परिवारों को चुकानी पड़ती है।
कमला हैरिस (Kamala Harris) ने आगे कहा, अमेरिकी जनता यह नहीं चाहती और वो झूठ से थक चुकी है। यह न तो ड्रग्स का मामला है और न ही लोकतंत्र का। यह तेल और डोनाल्ड ट्रंप की क्षेत्रीय ताकतवर नेता बनने की इच्छा से जुड़ा है। अगर उन्हें सच में ड्रग्स या लोकतंत्र की परवाह होती, तो वो किसी दोषी ड्रग तस्कर को माफ नहीं करते और मादुरो के करीबियों से सौदे करते हुए वेनेजुएला के वैध विपक्ष को किनारे नहीं लगाते।
पूर्व उपराष्ट्रपति ने आगे कहा, राष्ट्रपति सैनिकों की जान जोखिम में डाल रहे हैं, अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं, पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर रहे हैं और न तो कोई कानूनी आधार दे रहे हैं, न कोई बाहर निकलने की योजना और न ही देश के अंदर कोई फायदा।
अमेरिका को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जिसकी प्राथमिकताएं कामकाजी परिवारों का खर्च कम करना, कानून का पालन सुनिश्चित करना, सहयोगी देशों को मजबूत करना और सबसे जरूरी — अमेरिकी जनता को सबसे पहले रखना हों।
US ने मादुरो को पकड़ा
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी बलों ने एक अचानक रात के अभियान में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके बेडरूम से बाहर निकालकर हिरासत में लिया। बताया गया कि जब अमेरिकी कमांडो उनके घर में दाखिल हुए, तब वो दोनों काराकास के कड़े सुरक्षा वाले फोर्ट तियूना सैन्य परिसर स्थित अपने आवास में सो रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई अमेरिकी सेना की डेल्टा फोर्स ने, एफबीआई के समर्थन से अंजाम दी और यह 30 मिनट से भी कम समय में पूरी हो गई। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस छापेमारी में किसी भी अमेरिकी कर्मी की मौत नहीं हुई।