सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक कैलाश खेर (Kailash Kher) ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश की पवित्र धर्मनगरी उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दरबार में शीश नवाया। उन्होंने अलसुबह होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में भी पूरे नियम-संयम के साथ भाग लिया। बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन और विशेष पूजन-अर्चन के बाद मीडिया (आईएएनएस) से बातचीत करते हुए वे पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगे नजर आए। कैलाश खेर ने भावुक होते हुए कहा कि महाकाल के प्रांगण में आना जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य प्राप्त करने जैसा है। उन्होंने अध्यात्म का संदेश देते हुए कहा कि परमात्मा दिशाविहीन हो चुके लोगों को सही राह दिखाने के लिए ही अपने चरणों में बार-बार बुलाते हैं।
सनातन संस्कृति और उज्जैन के ऐतिहासिक महत्व का किया बखान
बातचीत के दौरान कैलाश खेर (Kailash Kher) ने सनातन संस्कृति की महिमा का दिल से बखान किया। उन्होंने कहा, “इस पवित्र भारत भूमि और सनातन परंपराओं के निर्वहन में जुटे लोगों को मैं नमन करता हूं। इस पावन धरती पर जन्म लेना ही किसी बड़े सौभाग्य से कम नहीं है।” उन्होंने अवंतिका नगरी (उज्जयिनी) के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसे पूरे ब्रह्मांड और हमारी जीवन परंपराओं का एक जीवंत अभिलेख और शिलालेख बताया। उन्होंने खगोल विज्ञान का संदर्भ देते हुए एक दिलचस्प बात कही कि पहले कर्क रेखा भी यहीं से गुजरती थी, लेकिन समय के साथ बदलाव हुए और इसे यूरोप के पास मान लिया गया। उन्होंने याद दिलाया कि पहले ‘विक्रम संवत’ के आधार पर ही पूरा विश्व चलता था, लेकिन भारत आज भी अपनी धारणाओं, विचारों और समृद्ध परंपराओं पर अडिग है। अब धीरे-धीरे वक्त बदल रहा है और आने वाला समय पूरी तरह भारत का ही है।
बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा की यादें कीं साझा
महाकाल के दर्शन से पहले कैलाश खेर (Kailash Kher) ने उत्तराखंड के प्रमुख धामों की भी यात्रा की थी। बीते २७ मई को वे बद्रीनाथ धाम पहुंचे थे, जहां उन्होंने भगवान विष्णु का आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर बद्रीनाथ यात्रा की कुछ बेहद खूबसूरत तस्वीरें साझा की थीं, जिनमें वे गले में रुद्राक्ष की माला पहने और माथे पर चंदन का तिलक लगाए मुस्कुराते नजर आ रहे थे।
इससे पहले वे केदारनाथ धाम भी गए थे, जहां उन्होंने भगवान शिव के दर्शन करने के साथ ही मंदिर परिसर के सामने खड़े होकर अपना मशहूर भक्ति गीत ‘बम लहरी’ गाया था। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा था— ‘महादेव का धाम, पूरे सारे काम। जय जय केदार।’
आदि शंकराचार्य को समर्पित नए गाने ‘जोगी’ को लेकर चर्चा में
कैलाश खेर (Kailash Kher) इन दिनों बाबा महाकाल की भक्ति के साथ-साथ अपने नए आध्यात्मिक गाने ‘जोगी’ को लेकर भी सुर्खियों में बने हुए हैं। उनका यह नया गीत महान दार्शनिक और संत आदि शंकराचार्य को समर्पित है। इस विशेष रचनात्मक कार्य को लेकर कैलाश खेर ने बताया कि सदियों से हमारे संतों और ऋषियों ने जिस परम आध्यात्मिक भावना को महसूस किया है, ठीक वही दिव्य भावना इस संगीत के माध्यम से पिरोई गई है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आदि शंकराचार्य का ज्ञान और संदेश आज के आधुनिक युग में भी लोगों को सत्य, मानवता और धर्म के मार्ग पर चलने की निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।
बाबा महाकाल के दरबार में कैलाश खेर ने नवाया शीश, भस्म आरती में हुए शामिल
