साय सरकार की पहल से जशपुर की महिलाएं बनेंगी ‘ड्रोन दीदी’

साय सरकार की पहल से जशपुर की महिलाएं बनेंगी ‘ड्रोन दीदी’

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाएं नई पहचान बना रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना (Drone Didi Yojana) के तहत जिले की चयनित महिलाएं इन दिनों रायपुर स्थित आईटीएम विश्वविद्यालय में ड्रोन संचालन एवं रिमोट पायलटिंग का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

यह प्रशिक्षण महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के साथ उन्हें कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं देने के लिए दक्ष बन रही हैं।

प्रशिक्षण के दौरान ड्रोन दीदियों (Drone Didi) को ड्रोन की तकनीकी संरचना, सुरक्षित उड़ान संचालन, रिमोट पायलटिंग, फसलों में उर्वरक एवं कीटनाशकों का वैज्ञानिक छिड़काव, ड्रोन के रखरखाव तथा कृषि क्षेत्र में उसके व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ये ड्रोन दीदियां जशपुर जिले के किसानों को ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरक, कीटनाशक एवं अन्य कृषि कार्यों की सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे कृषि कार्य कम समय में, कम लागत पर और अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। साथ ही वैज्ञानिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में जशपुर प्रवास के दौरान प्रशिक्षण के लिए रवाना हो रही ड्रोन दीदियों (Drone Didi) की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इससे पूर्व 17 अप्रैल 2026 को रणजीता स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम के दौरान ड्रोन दीदी एवं उन्नत सॉयल टेस्टिंग मशीन भी प्रदान की गई थी।

उप संचालक कृषि, जशपुर के अनुसार प्रशिक्षण के बाद ड्रोन दीदियां जिले के विभिन्न विकासखंडों में किसानों को तकनीक आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे खेती में समय की बचत, लागत में कमी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग का विश्वास है कि यह पहल जशपुर में तकनीक आधारित कृषि को नई गति देने के साथ महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक सशक्तता और किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।