‘Seeking The Infinite’ पुस्तक का जगदीप धनखड़ ने किया विमोचन

‘Seeking The Infinite’ पुस्तक का  जगदीप धनखड़ ने किया विमोचन

आज पुस्तक Seeking The Infinite का पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने विमोचन किया। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में लेखकों, बुद्धिजीवियों और कई क्षेत्रों से जुड़े लोगों की उपस्थिति रही। किताब के विमोचन के बाद डिस्कशन का भी आयोजन किया गया। इस डिस्कशन के मॉडरेटर रहे दिलीप चेरियन, जिन्होंने न केवल कार्यक्रम का संचालन किया, बल्कि चर्चा को गहराई और दिशा भी दी।
‘यह एक अनुभव है’
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने संबोधन में कहा कि यह केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं, बल्कि एक अनुभव है। कुछ लोग जीवन जीते हैं, कुछ उसे देखते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जीवन को नया अर्थ देने की कोशिश करते हैं। Seeking The Infinite उसी विशेष श्रेणी की किताब है। उन्होंने किताब के लेखक याकूब मैथ्यू का उल्लेख करते हुए कहा कि वे एक सफल बैंकर और वैश्विक प्रोफेशनल हैं, लेकिन उन्होंने व्यावसायिक जीवन के बीच भी अपने भीतर की खोज को जीवित रखा।
मॉडरेटर के रूप में दिलीप चेरियन ने पूरे विमोचन को सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम न रहने देकर उसे एक विचारपूर्ण संवाद में बदल दिया। उन्होंने किताब के संदेश, उसकी आत्मा और उसके व्यापक सामाजिक संदर्भ को बेहद प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। दिलीप ने कहा कि किताब में कुंभ के अनुभव को बहुत संक्षेप और सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया है और इसमें शामिल फोटोग्राफ्स पाठकों को सीधे उस आध्यात्मिक माहौल में ले जाते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से यह बात रेखांकित की कि महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को जोड़ने वाला अवसर रहा। जो लोग वहां नहीं पहुंच पाए, उनके लिए यह किताब उस अनुभव को महसूस कराने का सशक्त माध्यम बन सकती है।